
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): ज़मीन की खरीद-फरोख्त में स्टांप चोरी का एक अनोखा मामला पकड़ में आया है। यहां कागजों में जिस जमीन को ‘खाली प्लॉट’ बताकर बेचा गया था, जब उसकी जांच की गई तो वहां पक्की दुकानें बनी हुई मिलीं। इस खुलासे के बाद प्रशासन ने कड़ा एक्शन लेते हुए क्रेता पर 1 लाख 15 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना ठोक दिया है।
पूरा मामला हापुड़ के ग्राम सादकपुर (राजस्व ग्राम इमटोरी क्षेत्र) का है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित खसरा संख्या 175 मि., प्लॉट नंबर 17 के करीब 50.184 वर्गमीटर हिस्से को कर्मवीर सिंह ने 17 नवंबर 2025 को राकेश प्रसाद को आवासीय भूमि बताकर बेचा था।
लेकिन जब उपनिबंधक द्वितीय की 25 मार्च 2026 की स्थल निरीक्षण आख्या सामने आई, तो सारा खेल खुल गया। जांच में पता चला कि जमीन पर खाली प्लॉट की बजाय तीन आरसीसी की दुकानें बनी हुई थीं और पूरी संपत्ति कवर्ड थी। मौके के जीपीएस फोटो और नक्शे भी रिपोर्ट के साथ संलग्न किए गए थे।
इस मामले की सुनवाई अपर कलेक्टर व एडीएम न्यायालय संदीप कुमार की अदालत में हुई। जांच में स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क की चोरी पकड़े जाने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया।
एडीएम न्यायालय ने स्टांप शुल्क के 75,220 रुपये, निबंधन शुल्क के 10,750 रुपये और 30,000 रुपये अर्थदंड समेत कुल 1,15,970 रुपये वसूलने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही, बकाया स्टांप शुल्क पर दस्तावेज के निष्पादन की तिथि से वास्तविक भुगतान तक 1.5 प्रतिशत प्रति माह की दर से साधारण ब्याज भी वसूला जाएगा।
सुनवाई के दौरान क्रेता ने आपत्ति दर्ज कराते हुए दावा किया था कि उसने जमीन खाली प्लॉट के रूप में ही खरीदी थी और निर्माण बाद में कराया है। हालांकि, अपनी इस आपत्ति के समर्थन में वह कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। अदालत द्वारा पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद लगातार अनुपस्थित रहने के कारण, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
























