हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): पूरे वर्ष में शगुन कार्य के लिए प्रतिक्षित फुलेरा दूज 12 मार्च 2024 मंगलवार को है। अबुझ मुहूर्त के रुप में प्रसिद्ध इस दिन शादियां करने की परम्परा है। मान्यतानुसार इस दिन विवाह करने से दाम्पत्य जीवन मधुर व सफल रहता है। द्वितीया तिथि 11 मार्च को सुबह 10 बजकर 45 मिनट से आरम्भ होकर 12 मार्च की सुबह 7 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। फुलेरादूज उदयाकालीन पर्व होने के कारण 12 को मान्य होगा जो रेवती नक्षत्र व अश्विनी नक्षत्र के संयोग से अत्यंत शुभ होगा। भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा के अध्यक्ष पंडित के. सी. पाण्डेय काशी वाले ने बताया कि रात्रि 8.29 बजे से सभी कार्य को सफल बनाने वाला अमृत सिद्धि व सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेगा। पौराणिक कहानी के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के वृन्दावन से जाने के बाद बहुत दिनो तक वापस नहीं आये जिससे राधा रूठ गई। इसके असर से वृन्दावन के पेड़ पौधे सूखने लगे। कृष्ण को पता चला तो वृन्दावन वापस आये जिससे सब हरा भरा हो गया। वो दिन फाल्गुन शुक्ल पक्ष द्वितीया था तथा फूल भी खिल गये। कृष्ण ने ध्यान आकर्षित करने के लिए एक फूल तोड़कर राधा के ऊपर फेका तो राधा ने भी फूल तोड़कर कृष्ण के ऊपर फेका। मान्यता है कि देखते ही देखते सभी गोपियाँ व ग्वाले एक दूसरे पर फूल फेकने लगे और सभी प्रसन्न हुए. यहीं से फूलों से होली खेलने की परम्परा शुरू हो गई तथा ये दिन फुलेरा दूज के नाम से प्रसिद्ध हुआ.

























