
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) हापुड़ चैप्टर द्वारा सोमवार को सोसाइटी भवन, धीरखेड़ा में चेयरमैन पवन शर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण मंथन बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र एवं जनपद हापुड़ के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में हो रही अघोषित विद्युत कटौती, विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं तथा भविष्य की विद्युत आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा करना था।
उद्यमियों की समस्याओं को सुनने एवं उनके समाधान हेतु विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन द्विवेदी विशेष रूप से बैठक में उपस्थित रहे। बैठक में उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों को विस्तारपूर्वक रखा।
आईआईए हापुड़ चैप्टर के सचिव लवलीन गुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ समय में औद्योगिक क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति में पहले की अपेक्षा उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसके लिए विभाग का आभार व्यक्त किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि नए विद्युत कनेक्शनों के लिए आवश्यक विद्युत सामग्री अभी भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है, जिससे उद्यमियों को अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के CT-PT कई महीनों से खराब पड़े हैं, उन्हें भी शीघ्र बदलने की आवश्यकता है ताकि उद्योगों का कार्य प्रभावित न हो।
आईआईए के वरिष्ठ सदस्य शांतनु सिंघल ने सुझाव दिया कि विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का पुनः निरीक्षण कर सभी समस्याओं का सर्वेक्षण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान कम समय एवं कम संसाधनों में संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पूरा किया जाए। इससे उद्योगों का विभाग के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
बैठक में उपस्थित अन्य उद्यमियों ने भी अघोषित विद्युत कटौती, ओवरलोडिंग, नए कनेक्शन, खराब विद्युत उपकरणों के प्रतिस्थापन, विद्युत अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा विभागीय कार्यों में तेजी लाने जैसे विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव एवं समस्याएँ रखीं।
सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनने के बाद अधिशासी अभियंता सचिन द्विवेदी ने आश्वासन दिया कि विभाग उद्यमियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर पुनर्विचार करते हुए विद्युत संबंधी शिकायतों का युद्ध स्तर पर निस्तारण करने का प्रयास करेगा। उन्होंने बैठक में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी कीं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को 10 एमवीए एवं 5 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मरों से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। विभाग द्वारा 5 एमवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर को बढ़ाकर 10 एमवीए किए जाने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। इसके पूर्ण होने के बाद धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की कुल विद्युत क्षमता 15 एमवीए से बढ़कर 20 एमवीए हो जाएगी, जिससे ओवरलोडिंग की समस्या में काफी हद तक राहत मिलेगी तथा उद्योगों को अधिक गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मोदीनगर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र के लिए नए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना का प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा जा चुका है। इसके स्थापित होने से उस क्षेत्र में संचालित उद्योगों की विद्युत संबंधी समस्याओं का भी प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि किसी भी औद्योगिक उपभोक्ता के परिसर में उसकी स्पष्ट सहमति के बिना स्मार्ट मीटर स्थापित नहीं किया जाएगा। साथ ही औद्योगिक उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपखंड अधिकारी (एसडीओ) प्रत्येक बुधवार प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक धीरखेड़ा विद्युत उपकेंद्र पर उपस्थित रहेंगे, जिससे उद्योगों की शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जा सके।
बैठक के अंत में आईआईए हापुड़ चैप्टर की ओर से विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता श्री सचिन द्विवेदी का आभार व्यक्त किया गया तथा आशा व्यक्त की गई कि विभाग एवं उद्योगों के बीच इस प्रकार के नियमित संवाद से औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं का शीघ्र एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा।
बैठक में धीरज चुग, अशोक छारिया, राजेंद्र गुप्ता, शांतनु सिंघल, मोहित जैन, सुनील जैन, सुभाष शर्मा, नितिन गोयल, मुदित बंसल, वैभव गुप्ता, आयुष गोयल, माधव सिंघल, अक्षत अग्रवाल, प्रशांत शर्मा, अजय माहेश्वरी सहित बड़ी संख्या में उद्यमी बंधु उपस्थित रहे।




















