
हापुड़: मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, समा के चावल में मिले पत्थर और पनीर में ज्यादा फैट; 40 हजार का जुर्माना
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com):जहाँ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में मिलावट और लापरवाही बरतने वाले कारोबारियों पर प्रशासन का चाबुक चला है! त्योहारों के सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
मामला जनपद हापुड़ के पिलखुवा और बाबूगढ़ क्षेत्र का है, जहाँ एडीएम व न्याय निर्णायक अधिकारी संदीप कुमार के न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों में कड़ा फैसला लेते हुए कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
पहला मामला पिलखुवा के दिल्ली-हापुड़ रोड स्थित अवंतिका डिपार्टमेंटल स्टोर का है। यहाँ खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बिक्री के लिए रखे ‘समा के चावल’ का नमूना लिया था। जब राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में इसकी जांच कराई गई, तो रिपोर्ट में चावल के अंदर मिट्टी, धूल, छोटे पत्थर, भूसी और तिनके की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। इस अमानक और दूषित खाद्य पदार्थ की बिक्री के लिए जिम्मेदार दुकानदार मोहित सैनी पर अदालत ने 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। वहीं, दूसरा मामला हसनपुर रोड स्थित चौधरी ए-वन डेयरी (शेखपुरा खिचुरा) का है। यहाँ निरीक्षण के दौरान डीप फ्रीजर में रखे 45 किलोग्राम पनीर का नमूना लिया गया था। लैब जांच में पनीर के अंदर फैट (वसा) की मात्रा मानक से अधिक पाई गई, जिसके बाद डेयरी संचालक जावेद पर भी न्याय निर्णायक अधिकारी ने 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। प्रशासन ने दोनों कारोबारियों को भविष्य में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुधारने और नियमों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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