हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ के एस0एस0वी0 कॉलिज के अंग्रेजी विभाग में विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर शनिवार को एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें विभाग के प्राध्यापकों एवं स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। सेमिनार की आयोजिका डॉ0 रानी तिवारी, एसोसिएट प्रोफेसर अंग्रेजी विभाग ने बताया कि महान लेखकों और साहित्यकारों के जन्म एवं पुण्यतिथि को ध्यान में रखकर, उनको सम्मान एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 23 अप्रैल का दिन यूनेस्को द्वारा ‘विश्व पुस्तक दिवस’ के रूप में घोषित किया गया था। इसी दिवस को महान लेखक विलियम शेक्सपियर, मिगुएल डे सर्वेंट्स और जोसेफ प्ला की पुण्यतिथि है तथा मैनुअल मेजिया वैलेजो, मैरिस ड्रोन एवं शेक्सपियर का जन्म दिवस भी है। उन्होंने कहा कि भाषा के संदर्भ में पुस्तकों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। भारत, यूनान एवं मिश्र की सभ्यताएं पुस्तकों के कारण ही आज भी शीर्ष पर हैं।
अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ0 आर0के0 शर्मा ने कहा कि पुस्तकें न सिर्फ ज्ञान देती है, बल्कि कला, संस्कृति, लोकजीवन एवं सभ्यता से लेकर वर्तमान की चुनौतियों का सामना करने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन करती हैं। डॉ0 रूचि अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में पुस्तकें मानसिक शांति प्रदान करने का एक मुख्य माध्यम हैं। डॉ0 रजनी अग्रवाल ने कहा की किताबें ही व्यक्ति की सच्ची मित्र होती है। किसी व्यक्ति के किताबों का संकलन देखकर ही हम उसके व्यक्तित्व का अंदाजा लगा सकते है।
स्नातकोत्तर (अंग्रेजी) की छात्रा शिल्पी ने कहा कि किताबें ज्ञान, मनोरंजन एवं अनुभव की बात कहती हैं, इसलिये पूजी जाती हैं। कु0 जेनी ने बताया कि शेक्सपीयर की कृतियों का विश्व की समस्त भाषाओं में अनुवाद हुआ है। हिमांशी ने चर्चा करते हुए बताया कि शेक्सपीयर ने करीब 35 नाटक एवं 200 से अधिक कविताओं की रचना की। प्रीति ने कहा कि साहित्य जगत में शेक्सपीयर के ऊंचे स्थान को देखते हुए यूनेस्को ने 1995 से एवं भारत सरकार ने 2001 से इस दिन को विश्व पुस्तक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। मोनिका ने शेक्सपीयर के नाटक हेमलेट एवं जूलियस सीज़र की रचना की समीक्षा की। कु0 अमिता ने बताया कि इस दिवस पर लोगों को आकर्षित करने के लिए यूनेस्को द्वारा थीम जारी की जाती है एवं वर्ष 2022 की थीम है ‘आर यू ए रीडर’ यानि क्या आप पाठक हैं। श्वेता ने बताया कि महान वैज्ञानिक आइंस्टीन ने कहा था-‘‘केवल एक चीज जिसे आपको पूरी तरह जानना है, वह है पुस्तकालय का स्थान।’’ शागुफ्ता, नेहा, पारूल एवं विवेक ने भी विचार प्रस्तुत किए। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ0 सतीश कुमार ने आयोजन के लिए अंग्रेजी विभाग की सराहना की। सेमिनार के आयोजन में भीम सिंह आदि का सहयोग रहा।
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