
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): नाबालिग को बालिग दिखाकर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के मामले में कपूरपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इससे पहले दो एबीएसए पर गाज गिर चुकी है। एबीएस योगेश गुप्ता और तत्कालीन धौलाना एबीएसए रचना सिंह जांच के दायरे में हैं जिन्हें दोषी पाया गया था।
कपूरपुर के थाना प्रभारी विनोद कुमार पांडे ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। फर्जी दस्तावेज बनाने, सरकारी नौकरी हथियाने की कोशिश और स्कूल प्रबंधन की मिलीभगत की हर एंगल से पड़ताल की जा रही है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सीए हर्ष अग्रवाल ने की थी फर्जीवाड़े की शिकायत:
हापुड़ के न्यू शिवपुरी कॉलोनी निवासी सीए हर्ष अग्रवाल ने एक शिकायत आईजीआरएस के माध्यम से शासन से की थी। शिकायत के अनुसार मृत अनिल कुमार के स्थान पर मृतक आश्रित में उनके नाबालिग बेटे को नियुक्त किया गया। नाबालिग की कक्षा 10 की सनद में आयु 11 नवंबर 2006 अंकित है। इस आधार पर 18 साल की आयु पूर्ण होने से चार महीने पहले ही बीएसए कार्यालय से नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। इस प्रकरण के बाद से अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए।
बीएसए ने नियुक्ति को निरस्त कर दिया:
शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई जिसके बाद बीएसए ने नियुक्ति को निरस्त कर दिया और संयुक्त शिक्षा सचिव ने अपनी जांच में दोनों ABSA को दोषी पाया। बताया जा रहा है कि गलत आधार कार्ड व मार्कशीट लगाकर मृतक आश्रित में नाबालिग को बालिग दिखाकर नौकरी दिलाई गई। पुलिस ने भी मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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