टीबी रोगी खोज अभियान 20 फरवरी से
– 145 टीम घर- घर जाकर खोजेंगी टीबी के मरीज
– जिले की 20 प्रतिशत आबादी की होगी स्क्रीनिंग
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़, 14 फरवरी 2023। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत जनपद में 20 फरवरी से एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत जिले की 20 फीसदी आबादी की स्क्रीनिंग के निर्देश शासन से प्राप्त हुए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. सुनील कुमार त्यागी ने बताया- यह अभियान तीन मार्च तक चलेगा। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. राजेश सिंह ने बताया- एसीएफ के लिए तैयारियों शुरू कर दी गई हैं। एसीएफ के लिए 145 टीम बनाई गई हैं, जो घर-घर जाकर टीबी के रोगी खोजेंगी। टीमों के कार्य का पर्यवेक्षण करने के लिए कुल 17 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं।
डीटीओ डा. राजेश सिंह ने बताया- अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर क्षयरोग के साथ ही मधुमेह और एचआईवी की भी स्क्रीनिंग करेंगे। 20 फरवरी से पहले स्क्रीनिंग के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए विभाग ने माइक्रो प्लान तैयार कर लिया है। जिला पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी ने बताया – पहले पांच दिन अभियान आवासीय संस्थानों में स्क्रीनिंग की जाएगी और क्षय रोग के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। 25 मार्च से टीम घर-घर जाएंगी। टीम में शामिल आशा और अन्य कर्मचारी स्क्रीनिंग के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
डीटीओ ने बताया – एसीएफ अभियान के तहत जनपद की 20 प्रतिशत जनसंख्या- (शहरी व ग्रामीण बस्ती तथा उच्च जोखिम क्षेत्र) में घर-घर स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके अलावा अनाथालय वृद्धाश्रम, नारी निकेतन, बाल संरक्षण गृह, मदरसा, नवोदय विद्य़ालय, कारागार, चिन्हित समूह-स्थल सब्जी मंडी, फल मंडी, लेबर मार्केट, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट, ईंट भट्ठों, स्टोन क्रेशर, खदान, साप्ताहिक बाजार आदि में भी अभियान चलाया जाएगा। एसीएफ अभियान के अंतर्गत खोजे गये संभावित क्षय रोगियों का जिला क्षय रोग अधिकारी पर्यवेक्षण- समीक्षा एवं मूल्यांकन करेंगे।
उन्होंने बताया-एसीएफ में मिलने वाले मरीजों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। टीबी मरीजों की जल्दी पहचान होने से जल्दी उपचार शुरू हो जाता है। इससे रोगी की रिकवरी जल्दी हो जाती है, साथ ही उसके संपर्क में आने वाले लोग संक्रमण से बच जाते हैं। मरीज के खांसने और छींकने से निकलने वाली बूंदों के सम्पर्क में आने से पल्मोनरी (फेफड़ों की) टीबी फैलती है। उपचार शुरू होने के बाद संक्रमण फैलने की आशंका काफी कम हो जाती है। आमतौर पर एक टीबी मरीज उपचार न होने की स्थिति में साल भर में 10-15 लोगों को संक्रमित कर देता है। इसलिए बहुत जरूरी है कि टीबी के साधारण लक्षण नजर आते ही तुरंत जांच करायी जाए।
निक्षय दिवस आज, तैयारी पूरी
सीएमओ डा. सुनील कुमार त्यागी ने बताया – बुधवार को जनपद में निक्षय दिवस का आयोजन किया जाएगा। हर माह की 15 तारीख को आयोजित होने वाले निक्षय दिवस के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आशा कार्यकर्ता द्वारा लक्षणों के आधार पर चिन्हित किए गए लोगों की टीबी जांच की जाएगी।
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