हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हापुड़ के रेलवे रोड पर जमीनों के दाम थमने का नाम नहीं ल रहे है और एल टाइप एक 95 गज का एक प्लाट हाल ही में चार करोड़ रुपए में बिका है जिसकी रजिस्ट्री एक करोड़ रुपए से भी कम में हुई है। स्टाम्प ड्यूटी की चोरी तो हुई है, साथ ही कालेधन का भारी निवेश हुआ है। रेलवे रोड पर अब तक का यह सबसे महंगा सौदा बताया गया है।
हापुड़ के रेलवे रोड पर स्थित जवाहर गंज के कोने पर गत दो वर्ष पहले एक आवासीय भवन करीब चार करोड़ रुपए में बिका था। भवन को गिरा कर प्लाट कर दिया गया। इस प्लाट के पांच टुकड़े किए गए जिनमें से तीन प्लाट जवाहर गंज में और दो प्लाट रेलवे रोड पर काटे गए। चार प्लाट पर व्यवसायिक प्रतिष्ठान बने है जिन्हें एचपीडीए ने बिना लैंड यूज बदले दुकानें बनाने की इजाजत दे दी। पांचवा प्लाट जो एल-टाइप में है, 95 गज का ऐसे ही रह गया।
अब 95 गज का यह प्लाट चार करोड़ रुपए में बिका है जिसकी रजिस्ट्री भी हो चुकी है। खास बात यह है कि रजिस्ट्री दफ्तर ने भी प्लाट का खतौनी से मिलान नहीं किया है। लैंड यूज परिवर्तन के बिना आवासीय स्थल पर व्यवसायिक प्रतिष्ठान कैसे बन गए।
रेलवे रोड पर स्थित जवाहर गंज के निकट आवासीय भवन को खरीद कर प्लाट में बेचने वाले को करोड़ों रुपए का मुनाफा हुआ है। इस मुनाफा वसूलने वाले ने रायल पैलेस के आस-पास भी जायदाद की खरीद-बेच की है। रेलवे रोड पर उससे जुड़ी कालोनियों में जायदादों की हो रही खरीद-बेच में भारी कालेधन का निवेश हो रहा है। आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशायल (ईडी) को इस ओर ध्यान देकर ब्लैक मनी के धंधेबाजों को सबक सीखाना चाहिए।
ये भी पढ़ेः5 गज की दुकान, कीमत 18 लाख
कम से कम ब्याज पर लोन लेने के लिए संपर्क करें: 9756129288


























