हापुड़ ,सीमन /सुरेश जैन(ehapurnews.com): दिगम्बर जैन मुनि आचार्य विमर्श सागर जी महाराज का शनिवार को हापुड़ से पिलखुवा के लिए मंगल बिहार हो गया। आचार्य विमर्श सागर जी महाराज ने जैन भक्तों को कहा कि श्रावक के दान और पूजा दो मुख्य कार्य है। हम दिन भर में जाने अनजाने में किए गए गलत कार्यों से पाप कर्मो का बंधन बाध लेते हैं। पूजा और दान हमारे पापों का क्षय करता है। हम नैतिकता से धन उपार्जन करे तथा उसका कुछ अश धार्मिक सेवा कार्यो में अवश्य लगाएं। पूजा हमारे अन्तकरण को शांत एगो पवित्र बनाती हैं। जैन समाज के अध्यक्ष अनिल कुमार जैन, महामंत्री अशोक जैन सहित जैन समाज के अनेक भक्तो ने मुनि आचार्य विमर्श सागर जी महाराज को पिलखुवा मंगल बिहार के लिए विदाई दी। मुनि आचार्य विमर्श सागर जी महाराज पदयात्रा से पिलखुवा होते हुए गाजियाबाद जाएंगे जहाँ उनका चातुर्मास्य होगा।
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