हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : जिला क्षय रोग विभाग एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान की तैयारियों में जुट गया है। इसी क्रम में बुधवार को जिला क्षय रोग केंद्र पर जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में धर्म गुरुओं की बैठक हुई।
बता दें कि शासन के आदेश पर जिले में नौ से 22 मार्च तक एसीएफ चलेगा। अभियान के दौरान इस बार 20 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग का लक्ष्य शासन से मिला है। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से क्षय रोग विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर टीबी रोगी खोजेंगे। अभियान को अंजाम देने के लिए जिले में 125 टीमों का गठन किया गया है।
बैठक में डीटीओ ने धर्म गुरुओं को टीबी के लक्षणों की विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर जिला कार्यक्रम समन्वयक दीपक शर्मा और पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी ने भी विभागीय कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।
दस्तोई रोड स्थित जिला क्षय रोग केंद्र पर धर्मगुरुओं की बैठक में चर्च, गुरुद्वारा और मदरसों के अलावा मठ-मंदिरों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। धर्मगुरुओं से जिला क्षय रोग अधिकारी ने आह्वान किया है कि धार्मिक संस्थानों में आने वाले लोगों को क्षय रोग के लक्षणों की जानकारी देने के साथ ही मिलते जुलते लक्षण वालों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर टीबी की निशुल्क जांच कराने को प्रेरित करें। डीटीओ ने बताया-दो सप्ताह से अधिक खांसी रहना, खांसते समय बलगम या खून आना, बुखार और कमजोरी, भूख कम लगना, रात में सोते समय पसीना आना और सीने में दर्द रहना टीबी के लक्षण हो सकते हैं।
पीपीएम कोर्डिनेटर सुशील चौधरी ने बताया – मेरठ रोड स्थित एसडीए चर्च में फादर सतीश और फास्टर सुरेंद्र समेत सभी धर्म गुरुओं ने एसीएफ के दौरान पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने बताया टीबी की पुष्टि होने पर सरकार की ओर से न केवल निशुल्क उपचार किया जाता है बल्कि उपचार जारी रहने के दौरान बेहतर पोषण के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह पांच सौ रुपए का भुगतान रोगी के बैंक खाते में किया जाता है। जिला पीपीएम कोर्डिनेटर ने इस मौके पर कहा- क्षय रोग से अब घबराने की नहीं बल्कि समय रहते जांच और उपचार कराने की जरूरत है। नियमित उपचार के बाद टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है।
रठ्ठा पाला बौद्ध मठ के मुखिया भंते एल. आशुतोष की ओर से भी क्षय रोग के बारे में संवेदीकरण के साथ क्षय रोग विभाग को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

























