हापुड़,(सू0वि0) (ehapurnews.com): राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन अभियान के तहत जिलाधिकारी अनुज सिंह मुख्य विकास अधिकारी उदय सिंह व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रेखा शर्मा के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में क्षयरोग रोग उपचार हेतु बैठक कर रहे थे। बैठक में क्षयरोग अधिकारी डॉ राजेश सिंह ने बताया कि सामान्य क्षय रोगियों को दी जाने वाली दवाएं जैसे रिफॉम्प्सिन एवं आइसोनियाजिड का जिन पर असर नहीं होता है, उनका उपचार शुरू होते ही इन दवाओं का असर जानने के लिए सीबीनाट/ट्रू नाट से जांच की जाएगी। इसके माध्यम से उनमें फर्स्ट लाइन और सेकंड लाइन ड्रग्स रेजिस्टेंस (दवा का असर न होना) की जांच कराई जाएगी। इससे मरीज में क्षय रोग की गंभीरता और दवाओं के प्रभाव का जल्द पता चल जाएगा और मरीज के इलाज में उसकी गंभीरता के अनुसार दवाएं दी जा सकेंगी। ऐसा कर उसका उपचार सफलता के साथ पूरा हो सकेगा। 2025 तक क्षयरोग के उन्मूलन के लिए सामान्य क्षय रोगियो में विकसित होने वाले ड्रग रेजिस्टेंट टीबी (एमडीआर) की घातकता की समय से जांच के माध्यम से पता लगाकर उसे क्षयरोग मुक्त करने का अभियान युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। निक्षय पोषण योजना के तहत उपचार के दौरान मरीजों को पोषण हेतु ₹500 प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में हस्तांतरित की जा रही है टीवी की आधुनिक जांच और संपूर्ण उपचार सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त दिलाए जाने की सुविधा है माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रतिबद्धता है कि वर्ष 2025 तक क्षयरोग संपूर्ण भारत से समाप्त कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने धर्मगुरुओं से अपील की कि जनपद हापुड़ में कोरोना केस ओं की संख्या बढ़ रही है मैं आप सभी से विनम्र अनुरोध कर रहा हूं कि आप सभी धार्मिक स्थलों पर ज्यादा भीड़ को इकट्ठा ना होने दें धार्मिक स्थानों पर आने वाले सभी लोगों से मास्क पहनना सुनिश्चित कराएं और उनसे आग्रह करें कि कोविड-19 का टीकाकरण जिन लोगों का नहीं हुआ है वह अवश्य करा ले। जो गांव टीका कराने के लिए गंभीर नहीं है उनका आने वाला समय घातक हो सकता है। बैठक में डिप्टी सीएमओ जिला कार्यक्रम समन्वयक सतीश सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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