
रेड जोन में हापुड़ की हवा: देश का तीसरा सबसे प्रदूषित जिला बना, सांस लेना हुआ मुहाल!
हापुड़, सीमन/ हर्ष त्यागी (ehapurnews.com): त्योहारों का सीजन अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है लेकिन देश के कई हिस्सों में हवा की सेहत अभी से ही काफी ज्यादा बिगड़ चुकी है। उत्तर प्रदेश का हापुड़ जिला इस वक्त प्रदूषण के मामले में रेड जोन में पहुंच चुका है और देश का तीसरा सबसे प्रदूषित जिला दर्ज किया गया है!
“हापुड़ में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI इस सीजन के रिकॉर्ड स्तर 339 पर पहुंच गया है। इस खतरनाक स्तर के साथ हापुड़ पूरे देश के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। प्रदूषण के इस जहरीले स्तर की वजह से लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और शाम के वक्त हवा में प्रदूषण का असर इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि सड़कों पर धुंध जैसी चादर नजर आने लगती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हवा खराब होने के पीछे कई बड़े कारण हैं:सड़कों पर उड़ती धूल और अनियंत्रित निर्माण कार्य। खुले में पड़ी निर्माण सामग्री और फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला धुआं। सड़कों पर दौड़ रहे 10 से 15 साल पुराने वाहन।
प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद मुख्य मार्गों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव न होना इन समस्याओं को और हवा दे रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए यह हवा जहर बनती जा रही है। सीएमओ डॉ. किशोर आहूजा ने भी चेतावनी दी है कि ऐसे में लोगों को धूल वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। उधर, एडीएम संदीप कुमार का कहना है कि नियमों का पालन न करने वालों पर और पालिकाओं की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो दिवाली के आसपास हालात और भी ज्यादा भयावह हो सकते हैं।
“बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जरूरत है कि प्रशासन और आम नागरिक दोनों मिलकर सतर्कता बरतें। पानी का छिड़काव हो, निर्माण स्थलों को ढंका जाए और नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, तभी हमारी और आने वाली पीढ़ी की सांसें सुरक्षित रह पाएंगी।
दिल्ली की डॉ शूची तनेजा दुआ अब हापुड़ शहर में: 70177 32103 || फ्री गंज रोड, हापुड़


























