
आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल की तैयारियों पर बैठक
हापुड,सूवि(ehapurnews.com):आगामी 18 सितम्बर-26 को आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल को सफलता पूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला आपात संचालन केंद्र (DEOC), हापुड़ में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान मॉक ड्रिल की तैयारियों, विभागवार दायित्वों, संसाधनों की उपलब्धता एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने मॉक ड्रिल के लिए विभिन्न विभागों को सौंपे गए दायित्वों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपने निर्धारित दायित्वों को पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ पूरा करे। उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ किए जा सकें, इसके लिए आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं। बचाव दलों, आवश्यक उपकरणों, वाहनों एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए उन्हें तैयार स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आपदा के दौरान सूचना के त्वरित आदान-प्रदान को लेकर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपातकालीन संचार व्यवस्था सुचारु एवं प्रभावी रखी जाए तथा महत्वपूर्ण सूचनाएं निर्धारित माध्यम से तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं टीमों तक पहुंचाई जाएं।
किसी भी आपदा की स्थिति में एक विभाग की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती, बल्कि सभी विभागों का समन्वित प्रयास आवश्यक होता है। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, राजस्व, नगर निकाय, विद्युत, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
मॉक ड्रिल के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन, वाहन, उपकरण, चिकित्सा सामग्री एवं अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग एवं त्वरित उपलब्धता आपदा प्रबंधन की महत्वपूर्ण कड़ी है।
आपदा की स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। आवश्यक चिकित्सा दल, एंबुलेस एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए, ताकि जरुरत पड़ने पर प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल सहायता मिल सके।
मॉक ड्रिल के दौरान आमजन को आपदा की स्थिति में सुरक्षित रहने, निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के संबंध में जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी महोदया ने कहा कि जनसहभागिता एवं जागरुकता आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाती है।
जिला आपदा विशेषज्ञ, गजेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि इस बार मॉक ड्रिल तीनों तहसीलों में अलग-अलग सिनेरियों पर आयोजित की जायेगी। मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास करना नहीं, बल्कि वास्तविक आपदा के दौरान प्रशासन एवं संबंधित विभागों की तैयारियों को परखना है। इसके माध्यम से रिस्पॉन्स टाइम, विभागीय समन्वय, संचार व्यवस्था तथा राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का परीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से जानकारी साझा करते हुए कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान सामने आने वाली कमियों एवं चुनौतियों को चिन्हित किया जाए तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों का उपयोग भविष्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में किया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि मॉक ड्रिल से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा सभी टीमें अपने दायित्वों एवं कार्यप्रणाली से पूरी तरह परिचित रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय, सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए आगामी आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल को सफल, व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।
अन्र्तविभागीय समन्वय बैठक में मुख्य रूप से तीनों तहसीलों के अधिकारियों, खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, जिला मनोरंजन कर अधिकारी, डिप्टी सी.एम.ओ., ए.आर.टी.ओ. प्रशासन व जिला कमांडेंट आदि अधिकारी उपस्थित रहें।
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