
सरसों में आई तेजी से हापुड़ का कारोबारी हुआ मालदार
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): प्रमुख पाम आयल देश इंडोनेशिया व मलेशिया द्वारा बड़ी मात्रा में पाम आयल का इस्तेमाल बायोडीजल बनाने की खबरों पर देश में खाद्य तेल व तिलहन के दामों में भारी उछाला देखने को मिला है जिसका नतीजा यह हुआ है कि सरसों के दामों में ₹एक हजार रुपए कुंतल तथा तेल सरसों में 15-20 प्रति किलो भड़क गए। तेल तिलहन के दामों में आए तेजी से हापुड़ भी अछूता नहीं रहा और इसका सर्वाधिक लाभ तेल तिलहन के स्टॉकिस्ट को मिला है।
हापुड़ में सरसों के कारोबारी सरसों उत्पादन इलाकों से सरसों मंगा कर, सरसों का भारी स्टॉक करते हैं। सरसों का यह स्टॉक हापुड़ में अवैध रूप से बने गोदाम में सरसों का भंडारण करते हैं। यह गोदाम पक्का बाग, भगवती गंज, नई मंडी, जरोठी रोड, रिलायंस पंप के आस पास बने हैं। सरसों का यह कारोबार पूरी तरह से ब्लैक मनी से जुड़ा है। सूत्र बताते हैं कि इस वक्त हापुड़ के गोदाम सरसों से भरे पड़े हैं और स्टॉकिस्ट बेचू नहीं है। सरसों में आई भयंकर तेजी से सरसों का स्टॉकिस्ट रातों-रात मालदार हो गया है।
हापुड़ में सरसों 7000-7200 रुपए प्रति क्विंटल तथा पीली सरसों 8000-8200 रुपए प्रति क्विंटल बोले जा रहे हैं। हापुड़ में सरसों के स्टॉक मजबूत हाथों में है जो बेचू नहीं है। सूत्र बताते हैं कि हापुड़ में एक-एक स्टॉकिस्ट के पास कई कई हजार बोरी सरसों का स्टॉक है जो आधा दर्जन व्यापारियों के हाथ में है। उत्तर प्रदेश सरकार को सरसों के अवैध भंडारण के विरुद्ध अभियान चलाकर राजस्व वसूली करनी चाहिए।
कैलकुलेटर से भी तेज दौड़ेगा दिमाग, सीखें अबेकस (Abacus) व वैदिक मैथ्स (Vedic Maths) 9219237480
























