
अक्षय तृतीया का विशेष शुभत्व मुहूर्त 19 के साथ 20 अप्रैल को भी रहेगा
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव पर्व आयुष्मान एवं सौभाग्य योग में 19 अप्रैल रविवार को मनाया जाएगा तथा अक्षय पुण्य प्रदान करने वाला पर्व अक्षय तृतीया का विशेष शुभत्व मुहूर्त 19 के साथ 20 अप्रैल सोमवार को भी रहेगा। 19 अप्रैल को सुबह 7.10 से सुबह 10.49 तक त्रिपुष्कर योग होने से खरीददारी के लिए ये समय भी विशेष शुभ है भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा विद्वानों की बैठक श्री संकटहरण हनुमान मंदिर गढ़ रोड पर हुआ महासभा समन्वयक पंडित अजय पाण्डेय ने बताया कि बैठक में 19 अप्रैल जन्मोत्सव के दिन सुबह 11 बजे से कैला मंदिर स्थित भगवान श्री परशुराम जी का विधिवत पूजन किया जाएगा तथा 19 और 22 अप्रैल को हापुड़ में निकलने वाले शोभायात्रा के अभिनन्दन के लिए रेलवे रोड पर स्वागत पॉइंट बनाने का निर्णय हुआ समस्त पूजन कार्य महासभा संरक्षक डॉ0 वासुदेव शर्मा एवं परामर्श मण्डल विद्वान पंडित ओमप्रकाश पोखरीयाल के मार्गदर्शन में होगा महासभा अध्यक्ष ज्योतिर्विद पं0 के0 सी0 पाण्डेय काशी वाले ने कहा कि भगवान श्री परशुराम का जन्म त्रेतायुग में बैसाख शुक्ल पक्ष तृतीया को प्रदोषकाल में हुआ था इस बार तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10.49 बजे से 20 अप्रैल को सुबह 7.27 तक रहेगा श्री मद्दभागवत, स्कन्द पुराण, भविष्य पुराण, महाभारत सहित अनेक धर्मग्रंथों में भगवान परशुराम का वर्णन मिलता है माता रेणुका के गर्भ से भगवान के 6ठे अवतार के रुप में हुआ था जो आज भी अजर अमर है उन्होंने पद्मपुराण के श्लोक का उदाहरण “वैशाखस्य सिते पक्षे तृतीयायां तिथौ शुभे। निशायाः प्रथमे यामे जज्ञे रामः प्रतापवान्॥अर्थात वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की शुभ तृतीया तिथि को रात्रि के प्रथम प्रहर अर्थात प्रदोषकाल में प्रतापी राम का जन्म हुआ तथा उस समय “उच्चस्थे भास्करे चन्द्रे कुजे ज्ञे च बृहस्पतौ। शुक्रे चैव तदा जज्ञे जामदग्न्यः प्रतापवान्”॥ अर्थात जब सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति और शुक्र ये छहों ग्रह अपनी उच्च राशि में स्थित थे उसी समय प्रतापी जमदग्नि पुत्र राम का जन्म हुआ देते हुए बताया कि रविवार को तृतीया तिथि सुबह 10.49 से लग रही है अतः भगवान श्री परशुराम का पूजन 10.49 के बाद करना ही उचित रहेगा विशेष पूजन शुभ मुहूर्त दोपहर 11.33 से 12.24 तथा सायं 6.20 बजे से रात्रि 7.08 उसके बाद 11 बजे तक रहेगा धर्मग्रंथों के अनुसार अक्षय तृतीया में किया गया कार्य अक्षय हो जाता है अतः इस दिन जप, तप, दान व खरीददारी के लिए विशेष शुभ व उपयुक्त है इस दिन गंगाजल में स्नान करने से मनुष्य सभी पापों से मुक्त हो जाता है तथा अनाज (गेहूँ, चना, सत्तू, चावल ) से भगवान का विष्णु का पूजन, हवन व ब्राह्मणों को इसके साथ ही तिल, स्वर्ण, गौ, भूमि आदि का दान करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है चल अचल संपत्ति की खरीददारी जैसे सोना, चाँदी, जमीन, गाड़ी आदि तथा पूजन, दान आदि के लिए शुभ है 20 अप्रैल को सुबह 7.27 तक पूजन के साथ सायं 4.11 तक शुभ मंगल कार्य किए जायेंगे, अबुझ मुहूर्त होने से परम्परानुसार इस दिन विवाह कार्य भी होंगे सायं 4.11 के बाद विशेष कार्यसिद्धि हेतू यात्रा करना फलदायक रहेगा, बैठक में परामर्श मण्डल विद्वान पंडित आशुतोष शुक्ला, कोषाध्यक्ष पंडित मित्र प्रसाद काफ्ले, मंत्री पंडित देवी प्रसाद तिवारी, सहकोषाध्यक्ष पंडित आशीष पोखरियाल, महामंत्री अनिशा सोनी पाण्डेय, पंडित गौरव कौशिक, पंडित प्रेम नारायण भारद्वाज आदि ने विचार रखें।
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