
नौ साल पहले भी बुलंदशहर में तैनाती के दौरान निलंबित हुआ था रिश्वतखोर निरीक्षक महेंद्र
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ में जिला अपराध अभिलेख ब्यूरो प्रभारी महेंद्र सिंह को मेरठ में एंटी करप्शन की टीम ने चार लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था जिसके बाद टीम ने रिश्वतखोर महेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था और गुरुवार को जेल भेज दिया था। बताया जा रहा है कि इससे पहले बुलंदशहर जनपद में तैनाती के समय महेंद्र सिंह को निलंबित भी किया गया था। रिश्वतखोर की संपत्ति की भी जांच की बात सामने आ रही है।
आपको बता दें कि नौ साल पहले बुलंदशहर में हाईवे पर हुए सामूहिक दुष्कर्म कांड में महेंद्र सिंह ककोड़ थाना प्रभारी था। उसे मामले की विवेचना सोपी गई थी। बताया जा रहा है कि महेंद्र सिंह ने जल्दबाजी में दो आरोपियों को पकड़ा और डीजीपी के दौरे के दौरान पेश कर दिया। दोनों को जेल भेजा गया था। डीएनए टेस्ट के बाद उनकी संलिपिता मामले में नहीं मिली थी। मामला सामने आने के पश्चात महेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया था। अब बागपत जनपद में दर्ज एक मुकदमे से जुड़े आरोपियों का नाम निकालने के मामले में उसने चार लाख रुपए की मांग की थी जिसके बाद पीड़ित ने एंटी करप्शन से शिकायत की थी। तो उसको एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की जांच जारी है। हालांकि हापुड़ के एसपी भी जिला अपराध अभिलेख ब्यूरो प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह को सस्पेंड कर चुके हैं।
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