
गोरखपुर में आयोजित केमिस्टस एवं ड्रगिस्टस फेडरेशन यूपी की बैठक में हापुड़ के दवा व्यापारी भी हुए शामिल
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): गोरखपुर के एक होटल में केमिस्टस एवं ड्रगिस्टस फेडरेशन उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक एवं शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें उत्तर प्रदेश के लगभग 68 जिलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष संदीप चतुर्वेदी ने की। बैठक में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहें। सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सही दवा कारोबार करने वाले के साथ खड़ी है। प्रदेश से नकली दवा कारोबारियों का नेटवर्क खत्म करने के लिए वैध दवा कारोबारियों एवं प्रदेश संगठन से आगे आने की अपील की। बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि ऐसे लोग पूरे दवा व्यवसाय को बदनाम कर आम लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करते हैं। नकली दवा बेचने वालों को पकड़वाने में दवा विक्रेता और सी.डी.एफ.यू.पी (फेडरेशन) नकली दवा कारोबारियों के बारे में जानकारी दें। उन्हें पकड़वाए फेडरेशन को सरकार का पूरा संरक्षण मिलेगा। नकली दवा कारोबारी पकड़े जाएंगे तो इससे आम जनता को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि नकली दवाओं के खिलाफ सभी को जन जागरण अभियान से जुड़ना होगा। नार्कोटिक्स की दवाओं को जिनमें डॉक्टर के विशेष परामर्श की आवश्यकता होती है। आम दवाओं की तरह नहीं बिकने देंगे। सरकार ने आगरा में नकली दवाओं और कुछ जगहों पर नार्कोटिक्स दवाओं से जुड़े अवैध कारोबार पर बड़ी कार्यवाही की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नकली दवाओं का कारोबार ईमानदार दुकानदारों के लिए बड़ी चुनौती है। सरकार ईमानदार दवा कारोबारियों के व्यवसाय को सरल और सुगम बनाने में सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। प्रदेश में 1.10 लाख पंजीकृत दवा की दुकानों से 5 लाख लोग सीधे तौर पर जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दवाओं के मामले में उत्तर प्रदेश दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होने के कारण सरकार उत्तर प्रदेश को फार्मा हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक डॉ. जी.एन.सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार का फार्मा एडवाइजर बनाया गया है। साथ ही ललितपुर में एक बड़ा फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। फार्मा पार्क में दवा उत्पादन से लोगों को सस्ती दवाएं मिलेंगी। दवा का एक्सपोर्ट दुनियाभर में होगा। नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे और बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन भी होगा।
सीएम योगी ने कहा कि कभी प्रदेश की पहचान वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया से थी। उनकी सरकार में अब इसकी पहचान वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 8 साल में सरकार ने 41 नए मेडिकल कॉलेज और 2 एम्स स्थापित किए हैं। अस्पतालों की लंबी श्रृंखला है। उन्होंने कहा यू.पी. में सुरक्षा के माहौल ने नया बिज़नेस मॉडल दिया है यह सिर्फ 25 करोड़ की आबादी का राज्य नहीं हैं बल्कि आस पास के राज्यों की स्वास्थ्य एवं अन्य जरूरतों को पूरा करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 सितंबर को पीएम मोदी के मार्गदर्शन में जीएसटी परिषद ने दवाओं की कर दरों में भारी छूट दी है। जीएसटी की नई दरें उपभोक्ता और व्यापारी दोनों के हित में हैं। इससे आम उपभोक्ता को फायदा होगा और व्यापार भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इसका लाभ उपभोक्ताओं जरूर दें।
बैठक में प्रदेश सरकार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एवं आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दया शंकर मिश्र (दयालु), गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला, पूर्व औषधि महानियंत्रक भारत सरकार डॉ.जी.एन.सिंह (वर्तमान में फार्मास्युटिकल्स सलाहकार उत्तर प्रदेश सरकार) उपस्थित रहें।
बैठक में दवा व्यवसाय में आ रही कठिनाइयों पर विस्तृत चर्चा हुई साथ ही महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में प्रदेश के महामंत्री सुरेश गुप्ता ने दवा व्यवसाय पर सदन मे उपस्थित प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों और सदस्यों को शैक्षणिक कार्यशाला के अंतर्गत शिक्षित कर दवा व्यापार में आ रही कठिनाइयों पर पूछे गए प्रश्नों का सकारात्मक समाधान निकालने का कार्य किया। बैठक में हापुड़ जिले से जिलाध्यक्ष दिनेश त्यागी महामंत्री विकास गर्ग एवं संस्था के संरक्षक संजय त्यागी ने भाग लिया।
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