
हापुड़, सीमन/ अमित कुमार (ehapurnews.com):भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा के तत्वावधान में हापुड़ की दिल्ली रोड स्थित एस.एस.वी. पी.जी. कॉलेज के पावन प्रांगण में तृतीय वार्षिक समारोह अत्यंत भव्यता, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जस्विता के साथ संपन्न हुआ। प्रातः से संध्या तक वैदिक मंत्रोच्चार, हवन–यज्ञ की सुगंधित समिधाओं की आहुति, शंखनाद और विचारों के आलोक से पूरा परिसर मानो देव-सान्निध्य से आलोकित हो उठा। अग्निकुंड से उठती ज्वालाएँ, आहुतियों की लय और मंत्रों की ध्वनि ने वातावरण को शुद्ध, सात्त्विक और दिव्य बना दिया—जहाँ प्रकृति, पुरुषार्थ और परमात्मा का त्रिवेणी-संगम साकार प्रतीत हुआ।
इस गरिमामय अवसर पर मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि ज्योतिष केवल ग्रह-नक्षत्रों का गणित नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली आध्यात्मिक विद्या है—जो मानव को आत्मबोध, संयम और सकारात्मक कर्म की ओर प्रेरित करती है। उन्होंने इसे अनुशासन, विवेक और सद्कर्म की साधना बताया।
विशिष्ट अतिथि एच.एस. रावत ने ज्योतिष को भारतीय ज्ञान-परंपरा का अमूल्य स्तंभ बताते हुए कहा कि यह विद्या मनुष्य को प्रकृति और चेतना के सूक्ष्म संबंधों से जोड़ती है। पंडित वासुदेव शर्मा ने वैदिक ज्योतिष की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डालते हुए इसे संस्कार, साधना और समय-चक्र की सम्यक समझ का माध्यम बताया, जबकि पंडित अखिलेश शर्मा ने कहा कि ज्योतिष आत्मचिंतन की ऐसी दृष्टि है, जो मनुष्य को अपने कर्मों के प्रति सजग बनाती है। वैद्य वरुण शर्मा ने आयुर्वेद और ज्योतिष के अंतर्संबंधों पर चर्चा करते हुए दोनों को मानव स्वास्थ्य और संतुलन की रक्षक विद्या बताया। विशिष्ट अतिथि संजय गुप्ता ने ज्योतिष को सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच का आधार निरूपित किया।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित के.सी. पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि महासभा का उद्देश्य वैदिक परंपराओं का संरक्षण, संवर्धन और जनमानस तक उनका सार्थक संदेश पहुँचाना है—ताकि सनातन ज्ञान आधुनिक जीवन में भी लोककल्याण का पथ प्रशस्त करे। मंच का संचालन करते हुए प्रसिद्ध कवि डॉ. अनिल वाजपेयी ने ज्योतिष को आत्मा और ब्रह्मांड के संवाद की विद्या बताते हुए समूचे समारोह को साहित्यिक गरिमा प्रदान की। पंडित संतोष तिवारी ने ज्योतिष को जीवन-पथ का दीपक बताया, जो अज्ञान के अंधकार में प्रकाश फैलाता है। संरक्षक पंडित अमरजीत पांडेय तथा राष्ट्रीय महामंत्री अनिशा सोनी पांडेय ने महासभा की साधना, संगठन और सेवा-यात्रा पर सारगर्भित विचार रखे।
कार्यक्रम की भव्यता का एक महत्वपूर्ण आयाम निःशुल्क ज्योतिष शिविर रहा, जिसमें प्रसिद्ध ज्योतिषी डॉ. एच.एस. रावत, अध्यात्म गुरु माँ चेतना, डॉ. मंजू जोशी, डॉ. विजय कुमार पाठक, अजय आर्य, एस्ट्रो मानवेन्द्र, राज ज्योतिषी पंडित राम निवास तिवारी, अंजू भल्ला सहित अनेक विद्वान ज्योतिषियों ने जनसामान्य का मार्गदर्शन किया।
इसके साथ ही सर्व पितृ दोष निवारण यज्ञ का भव्य आयोजन हुआ, जिसे मुख्य आचार्य डॉ. वासुदेव शर्मा एवं पंडित अखिलेश शर्मा के सान्निध्य में 20 आचार्यगणों ने वैदिक विधि-विधान से पूर्ण कराया। हवनाग्नि में समिधाओं की आहुति और मंत्रों की लय ने श्रद्धालुओं के अंतःकरण को शांति और विश्वास से भर दिया।
सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह एवं ज्योतिषी डॉ. एच.एस. रावत तथा विशिष्ट अतिथि कथावाचक पंडित मोहित भारद्वाज रहे। महासभा के लिए विशिष्ट कार्य-योगदान हेतु समन्वयक पंडित अजय पाण्डेय को प्रथम सम्मान एवं “महासभा भूषण” उपाधि, विदुषी अनिशा सोनी पाण्डेय को द्वितीय सम्मान “महासभा श्री” तथा डॉ. करुण शर्मा को तृतीय सम्मान “महासभा व्रती” प्रदान किया गया।
पूरे वर्ष महासभा के लिए निष्ठापूर्ण सेवा हेतु पंडित देवी प्रसाद तिवारी, पंडित गौरव कौशिक, पंडित मित्र प्रसाद काफ्ले, पंडित शैलेन्द्र मिश्रा शास्त्री, एस्ट्रो धर्मेंद्र बंसल, पंडित आशीष पोखरियाल, पंडित प्रशांत वशिष्ठ, पंडित जगदम्बा शर्मा, पंडित सर्वेश तिवारी एवं पंडित ब्रजेश कौशिक को “महासभा रत्न” उपाधि से सम्मानित किया गया।
समर्पित सेवा के लिए डॉ. हर्ष शर्मा एडवोकेट, पंडित दिनेश शर्मा, डॉ. अनिल वाजपेयी, पंडित अमित शर्मा टोनी, वैद्य वरुण शर्मा, पंडित जय भगवान गौतम, पंडित राहुल शर्मा ऑडिटर को सम्मानित किया गया। धर्म, शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा और प्रशासन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान हेतु राजेश शर्मा, पवन शर्मा, ज्ञानचंद शर्मा, ललित अग्रवाल छावनी वाले, अमित जॉनी, डॉ. संजीव वशिष्ठ, डॉ. योगेश गोयल, डॉ. रेनू बंसल, डॉ. आराधना वाजपेयी, थाना प्रभारी नगर विनोद कुमार पाण्डेय, थाना प्रभारी हापुड़ देहात नीरज कुमार ,सहित अनेक पत्रकारों एवं लगभग 300 गणमान्य नागरिकों को सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह के समापन पर महासभा अध्यक्ष पंडित के.सी. पाण्डेय ने सभी अतिथियों, विद्वानों और सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। शोभित मिश्रा, पंडित हरि शर्मा, पंडित संतोष तिवारी, मालती भारती, राखी शर्मा, डॉ. राजेंद्र वशिष्ठ, श्री नरेंद्र शर्मा, सतीश अग्रवाल, जॉली नितिन गोयल, रितेश सनराइज सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और ऊँचाई प्रदान की।
यह तृतीय वार्षिक समारोह न केवल विद्या-विमर्श का केंद्र बना, बल्कि मंत्र, यज्ञ, हवन, समिधा, साधना और साहित्य का ऐसा अनुपम संगम सिद्ध हुआ—जिसने सनातन चेतना को जन-जन के हृदय तक पहुँचाने का सार्थक प्रयत्न को साकार किया!

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