
गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में होगा राजस्थान के बालू का इस्तेमाल
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में गति लाने के लिए अब राजस्थान के बालू का इस्तेमाल किया जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे जनपद हापुड़ के विभिन्न गांव से होकर गुजर रहा है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण को गति देने के लिए दिन-रात कार्य चल रहा है। ऐसे में बालू की समस्या आ रही है। हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर जिलों के साथ-साथ बिजनौर, अमरोहा और संभल जिलों पर गंगा तट रामसर साइट में आता है। डॉल्फिन का क्षेत्र होने के चलते इसको वन संरक्षित एरिया में रखा गया है। ऐसे में एनजीटी की इस क्षेत्र में खनन पट्टे जारी करने पर रोक है। वहीं मुरादाबाद से बालू की आपूर्ति भी जरूरत के अनुसार नहीं हो रही। ऐसे में राजस्थान के झुंझुनू जिले से बालू लाने का फैसला लिया गया है। ट्रेन से बालू लाया जाएगा। दो ट्रेनों में बालू लाया जा चुका है। वहीं खनन विभाग ने जिले में बालू के उतरने पर 4.5 लाख प्रति ट्रेन का खनन शुल्क लगा दिया है। ट्रेन से बालू मांगाया जा रहा है जिसे गढ़-बृजघाट में उतारने की स्वीकृति दे दी गई है।
मैक्स हॉस्पिटल के पूर्व चिकित्सक डॉ. अभिषेक शर्मा (E.N.T.) अब हापुड़ में: 9927827214



























