
साइबर ठगी को लेकर पुलिस ने उद्यमियों को किया जागरूक
हापुड सीमन (ehapurnews.com):बढ़ती हुई साइबर ठगी की घटनाओं से बचाव हेतु पुलिस व साइबर क्राइम टीम ने बुधवार को हापुड के उद्यमियों को जागरूक किया और कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से निजात दिला सकता है।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन हापुड चैप्टर ने बुधवार को एक संगोष्ठी का आयोजन किया।
पुलिस अधीक्षक व थाना साइबर क्राइम टीम ने धीरखेड़ा स्थित सेंट्रल इंडस्ट्रियल कॉपरेटिव सोसायटी लिमिटेड में साइबर जागरूकता गोष्ठी आयोजित की।पुलिस अधीक्षक कुँवर ज्ञानन्जय सिंह व साइबर क्राइम टीम ने साइबर अपराधों के बारे में जानकारी देकर साइबर अपराध से बचाव हेतु जनपद के व्यापारियों तथा उद्यमियों को जागरूक व सचेत किया।उन्होंने कहा कि जागरूकता से ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है।
इस मौके पर आईआईए हापुड चैप्टर के चेयरमैन शान्तनु सिंघल सहित अनेक उद्यमी उपस्थित थे।
हापुड़ चैप्टर चेयरमैन शांतनु सिंहल की अध्यक्षता में सोसाइटी भवन धीरखेडा़ पर एक मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में चर्चा का मुख्य विषय वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी तथा डिजिटल अरेस्ट थे। इस विषय पर विस्तार पूर्वक जानकारी देने तथा इसके बचाव के उपायों को बताने के लिए हापुड़ जिले के पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर तथा साइबर सेल के प्रभारी नजीर अली मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराध का दायरा इतना अधिक बढ़ चुका है कि कम पढ़े लिखे व्यक्तियों से लेकर काफी पढ़े लिख नागरिक भी साईबर अपराध का शिकार बन रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रत्येक नागरिक को इस विषय के प्रति जागरूक होना पड़ेगा तभी इस प्रकार की घटनाएं रोकी जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि ठगी होने पर तुरंत 1093 पर कॉल करके या फिर पुलिस की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर इसकी शिकायत दर्ज कराएं। नजीर अली ने बताया कि आजकल डिजिटल अरेस्ट के मामले भी काफी बढ़ गए हैं लेकिन इस प्रकार के केस में कोई भी सच्चाई नहीं होती है क्योंकि कोई भी पुलिस अधिकारी कभी भी इस प्रकार से वीडियो कॉल नहीं करता है। इसलिए किसी भी प्रकार के अनजान एवं संदिग्ध नंबरों से आने वाली वीडियो एवं ऑडियो कॉल का जवाब ना दे। उन्होंने बताया कि आप जब कभी भी ऑनलाइन सर्फिंग करते हैं तो किसी भी प्रकार के भ्रामक विज्ञापनों के चक्कर में ना आए साथ ही किसी प्रकार के फालतू ऐप को डाउनलोड ना करें या किसी भी प्रकार के लिंक के साथ छेड़छाड़ ना करें। यदि कोई व्यक्ति आपसे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लेनदेन के समय किसी ओटीपी की मांग करता है तो उसे ओटीपी ना दें, क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन खरीदारी करते समय सावधानी बरतें या फिर कैश ऑन डिलीवरी का ही ऑप्शन चुने। विनीत भटनागर ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति फोन करके अपने आप को पुलिस वाला बताता है तथा आपसे कॉल पर आपके परिजनों की एक्सीडेंट होने, उनके किसी केस में पकड़े जाने, उनके पास से आने या जाने वाले कुरियर में नशीला पदार्थ बरामद होने की बात करके पैसों की मांग करता है तो ऐसी परिस्थितियों में विचलित होकर उसकी बातों में ना आए। सर्वप्रथम उस व्यक्ति से फोन करके उसकी स्थिति के बारे में जानकारी लें तथा साथ ही इसके विषय में अपने आस पडोस तथा रिश्तेदारों को बताएं। पुलिस अधीक्षक महोदय ने आग्रह किया कि उपरोक्त जानकारी को अधिक से अधिक अपने परिजनों, सगे संबंधियों, दोस्तों तथा अपने कर्मचारियों के साथ साझा करें। जिससे वह भी भविष्य में इस प्रकार की ठगी का शिकार होने से बच सके। बैठक में पवन शर्मा, सौरभ अग्रवाल, विजय शंकर शर्मा, संजीव अग्रवाल, मनोज गोयल, राजेंद्र गुप्ता, प्रमोद गोयल, नीरज गुप्ता, जय नारायण गोयल, दिनेश अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, सरजीत सिंह, गुरमीत सिंह, राहुल गर्ग, प्रदीप तनेजा तथा अन्य उद्यमी बंधु उपस्थित रहे।
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