हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : जनसंख्या समाधान फ़ाउंडेशन हापुड़ के ज़िलाध्यक्ष राजेंद्र गुर्जर ने जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के प्रस्तावित मसौदे पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों ने जो प्रस्ताव बना कर सरकार को दिया है उसमें एक बच्चे पर अनेक प्रकार के प्रलोभन दिए गये हैं वे बिल्कुल ग़लत है क्योंकि अगर किसी के पहला बच्चा लड़का हो गया तो वो दूसरा बच्चा पैदा करने से बचेगा जिससे लड़कीयों की दर कम हो जायेगी जिससे लिंगानुपात बिगड़ जायेगा जिससे सामाजिक एवं पारिवारिक ताना बाना प्रभावित होगा
साथ ही समाज के कुछ लोग अपने निश्चित उद्देश्यों को लेकर राज्य व राष्ट्र की नीतियों को प्रभावित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहन व हतोत्साहन से अप्रभावित रहते हुए अपने समुदाय की संख्या बढ़ाकर लोकतंत्र को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते है इसका दुष्परिणाम निश्चित रूप से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जनसंख्या असंतुलन के रूप में भी सामने आने की संभावना है।
दूसरा बहुविवाह अर्थात् समाज का कोई पुरूष वर्तमान क़ानून के अन्तर्गत एक से अधिक पत्नी रखता है और तलाक़ देकर अदल बदल करते हुए जीवनकाल में अनेक शादियाँ करता है तो उसे केवल दो बच्चों की ही अनुमति हो ,ज़्यादा बच्चे पैदा करने पर उस पर क़ानून प्रभावी होना चाहिए।
अगर कोई दम्पति तीसरा बच्चा पैदा करें तो उस दम्पति का वोट राइट ख़त्म हो
चौथा बच्चा पैदा करने पर वोट राइट के साथ साथ 10 वर्ष का सश्रम कारावास हो। ज्ञापन में उन्होंने मुख्यमंत्री से अपेक्षा है कि आप इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु एक सुविचारित कठोर क़ानून पारित करें और अपने अधिकार क्षेत्र से बहार के विषयों के लिए विधानसभा से प्रस्ताव पारित करके केन्द्र सरकार को भेजने का कष्ट करें ।
यदि संगठन के सुझावों पर ध्यान नहीं दिया गया तो जनसंख्या समाधान फ़ाउंडेशन इसका विरोध करेगा।
राजेंद्र गुर्जर,सुन्दर कुमार आर्य,इशवरी कुमारी सिसोदिया,शशि गोयल,अमित बैसला,विजयपाल सिंह,सुधीर कुमार सबली रविंद्र गुर्जर आदि उपस्थित थे।
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