
अपनी भक्ति तथा गुरू आशीर्वाद मानव का कल्याण करते हैं:-मुनिराज विमर्श सागर
हापुड, सीमन/सुरेश जैन (Ehapurnews.com): जैन सन्त भवन, जैन लोक पर विराजमान भावलिगीं सन्त श्रमणा आचार्य श्री 108 विमर्श सागर जी महा मुनिराज ससंघ 33 पिछि ने शुक्रवार को प्रातःकाल जैन भक्तो को मगंल प्रवचन देते हुए कहा कि मानव की अपनी भक्ति तथा गुरू का आशीर्वाद मानव का कल्याण कर उसे मोक्ष मार्ग पर अग्रसर करते हैं।सन्त मिट्टी के घडे के समान होते हैं जो घडे की भांति बजाकर शिष्य की परीक्षा लेते हैं और जैसे घडा जल को शीतल करता है उसी प्रकार सन्त मानव के विकारो को दूर कर उसके जीवन मे शीतलता, सन्तोष और शान्ति लाते हैं।नगर मे सन्तो का आना उनके आवास, आहार की व्यवस्थाओ को करना बहुत ही पुण्य का कार्य है। नगर मे जैन सन्तो के आने पर प्रत्येक जैन परिवार के सदस्य को उनके दर्शन कर धार्मिक आयोजनो मे श्रद्धांपूर्वक उत्साहपूर्वक भाग लेना चाहिए। जैन धर्म के सिद्धांत ही विश्व मे शान्ति, सदभाव,भाईचारा,जीवदया और प्राणी मात्र के कल्याण के भाव विकसित कर सकते हैं।विश्व मे बढते तनाव, आतंकवाद, हिंसा, व्यभिचार का स्थायी समाधान धर्म के मार्ग का अनुसरण करने से ही सम्भव है। हापुड के जैन भक्तो के अतिरिक्त यमुना बिहार तथा कृष्णा नगर दिल्ली के अनेक भक्त भी गुरूदेव के प्रवचन मे शामिल हुए।
जैन समाज के अध्यक्ष सुधीर जैन तथा महामंत्री अशोक जैन ने बताया कि 23 मई से 27 मई तक पांच दिवसीय जिनागम शिक्षण शिविर का आयोजन जैन संत भवन, जैन लोक पर प्रातःकाल 6.3o बजे से मुनिराज विमर्श सागर जी महाराज के सानिध्य मे होगा जिसमे जैन धर्म की शिक्षाओ और नियमो की जानकारी दी जाएगी।
जैन समाज के संरक्षक अनिल जैन, संरक्षक सदस्य सुधीर जैन, उपाध्यक्ष पुलकित जैन, चेयरमैन प्रदीप जैन राजेश जैन, गौरव जैन, अभिषेक जैन, सचिन जैन, सुरेश चन्द जैन, सुशील जैन, सजींव जैन, राजीव जैन, आकाश जैन, सुबोध जैन,पंकज जैन, मनीष जैन, अकुंश जैन, विकास जैन, प्रगति जैन, नेहा जैन,शिल्पी जैन, नीति जैन,मधु जैन, दीपाली जैन, भावना जैन, मंजू जैन, मगन जैन, ममता जैन सहित अनेक जैन भक्त उपस्थित हुए।
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