हापुड़ सहित एनसीआर के जनपदों में निर्माण पर निगरानी
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): प्रदेश में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए कई नियम लागू किये गये हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने शुक्रवार को इस बाबत आवास आयुक्त, विकास प्राधिकरणों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किये हैं।
उन्होंने कहा है कि गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़ – पिलखुआ, बुलंदशहर, खुर्जा, बागपत-खेकड़ा और मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरणों द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए जारी किये गये निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए और उसकी प्रभावी निगरानी की जाए। अपर मुख्य संचिव ने कहा है कि ऐसे भवन जिनकी ऊंचाई 70 मीटर या इससे अधिक प्रस्तावित है, के निर्माण स्थल- भूखण्ड के चारों ओर 10.5 मीटर ऊंचे तथा 70 मीटर से कम ऊंचाई के भवनों के निर्माण स्थल, भूखण्ड की चहारदीवारी के साथ 7.5 मीटर ऊंचाई के बैरीकेड्स लगाए जाएं। एक एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के ले-आउट प्लान के तहत विकास और निर्माण कार्यों के स्थल के चारों ओर 10.5 मीटर ऊंचाई और एक एकड़ से कम के ले-आउट प्लान में 7.5 मीटर की ऊंचाई के बैरीकेड्स लगाए जाएं।
भवन निर्माण के स्टेज को दृष्टिगत न रखते हुए निर्माण स्थल के चारों ओर से हरे तिरपाल अथवा जूट की शीट से ढका जाए। अगर निर्माण कार्य के दौरान कोई निर्माणाधीन भवन ढका हुआ नहीं पाया जाता है तो संबंधि विकास प्राधिकरण, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, आवास एवं विकास परिषद, नियत प्राधिकारी द्वारा निर्माण कार्य को रोकने के लिए कार्रवाई की जाए। निर्माण स्थल पर स्प्रिंकलर सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित करवाया जाए और निर्माण के समय नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए।
चर्म रोग, गुप्त रोग व एलर्जी के लिए संपर्क करें डॉ शिशिर गुप्ता: 9719123457






















