
मोनाड विवि प्रकरण: बढ़ रही थी फर्जी डिग्रियों की मांग, फर्जी डिग्रियों के सत्यापन के लिए बनी थी स्पेशल डेस्क
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ के पिलखुवा में स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्रियों के खेल में एक बात सामने आई है कि फर्जी डिग्रियों के सत्यापन के लिए यूनिवर्सिटी में स्पेशल डेस्क बनाई गई थी। वहां से सत्यापन को आने वाली डिग्रियों पर रिपोर्ट लगाकर भेजी जाती थी।
एसटीएफ की जांच के दौरान सामने आया है कि 3 वर्षों में यूनिवर्सिटी की 5 लाख से ज्यादा फर्जी डिग्रियां बिकी थी। फर्जी डिग्रियों की मांग लगातार बढ़ती जा रही थी। लाखों रुपए खर्च कर लोग फर्जी डिग्रियां खरीद रहे थे जिसके लिए अलग से स्पेशल डेस्क भी बनाई गई थी। एसटीफ ने इस मामले को संगठित अपराध की श्रेणी में रखते हुए शुक्रवार को न्यायालय में मजबूत पक्ष रखने की तैयारी की है। जमानत पर शुक्रवार को न्यायालय में सुनवाई होगी। हालांकि वीसी मोना डॉक्टर प्रोफेसर एम जावेद का कहना है कि मैं यूनिवर्सिटी को संचालित कर रहा हूं। मेरे संज्ञान में कैंपस में इस प्रकार की कोई स्पेशल डेस्क कार्य नहीं कर रही थी। कैंपस के अलावा की दूसरे स्थान पर इस प्रकार फर्जी सत्यापन का कार्य हो रहा हो तो हमें उसकी जानकारी नहीं है।
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