
विद्यालयों में बाल वाटिका को बाल अनुकूल बनाएं:दीपा भाटी
हापुड़,सीमन (ehapurnews.com):राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं निपुण भारत मिशन के अंतर्गत जनपद हापुड़ में आदर्श बालवाटिका एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ECCE एजुकेटर्स का दो दिवसीय तथा नोडल शिक्षक संकुल, नोडल ARP एवं CDPO का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का शुभारंभ डायट अॉडोटोरियम हॉल में डायट प्राचार्या ज्योति दीक्षित द्वारा सरस्वती मॉं के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बालवाटिका में बच्चों के सर्वांगीण विकास, गतिविधि आधारित शिक्षण, खेल-खेल में सीखने तथा विद्यालय के प्रति सकारात्मक वातावरण विकसित करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बालवाटिका बच्चों की औपचारिक शिक्षा की पहली सीढ़ी है। इस स्तर पर बच्चों को खेल, गतिविधियों, कहानी, कविता, चित्र एवं विभिन्न रोचक शिक्षण विधियों के माध्यम से सीखने के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए, ताकि उनमें भाषा, संज्ञानात्मक, सामाजिक-भावनात्मक, नैतिक, सौंदर्यबोध एवं शारीरिक विकास की मजबूत नींव तैयार हो सके।
प्रशिक्षण के दौरान बालवाटिका के लिए राज्य के विजन, ECCE की अवधारणा, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा बच्चों को विद्यालय से जोड़ने की प्रभावी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को ‘जादुई पिटारा’, विभिन्न शिक्षण-अधिगम सामग्री एवं खेल आधारित गतिविधियों के प्रभावी प्रयोग का प्रदर्शन भी कराया गया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हापुड़ के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण में कोर ग्रुप प्रशिक्षकों नोडल SRG सोहनवीर सिंह, ARP जितेन्द्र सिंह, दुष्यंत कुमार एवं नोडल शिक्षक संकुल सीमा रानी द्वारा ECCE एजुकेटर्स, नोडल शिक्षक संकुल, नोडल ARP एवं CDPO को उनकी भूमिका एवं दायित्वों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं गतिविधियों को बालवाटिका कक्षाओं में प्रभावी रूप से लागू किया जाए तथा बच्चों के सीखने को आनंददायी, सहज एवं बाल-केंद्रित बनाया जाए।
कार्यक्रम में DIET हापुड़ के प्रवक्ताओं, ARP ,DC एवं संबंधित अधिकारियों व प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से बालवाटिका में बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपा भाटी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि बालवाटिका को विद्यालयों में और अधिक प्रभावी, आकर्षक एवं बाल-अनुकूल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाकर उन्हें आगामी कक्षाओं के लिए तैयार करना तथा निपुण लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करना विभाग की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
जनपद हापुड़ में ECCE एवं बालवाटिका को सुदृढ़ करने की यह पहल निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा बच्चों को उनकी प्रारंभिक अवस्था से ही गुणवत्तापूर्ण, आनंदमय एवं समग्र शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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