
हापुड़, सीमन/संजय कश्यप (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ में परचूने की दुकान पर अवैध रूप से इंजेक्शन और गोलियां बेची जा रही थी। डॉक्टर के पर्चे के बिना मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाइयां बेची जा रही थी। मामला संज्ञान में आने पर जनपद हापुड़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने टीम का गठन किया जिसने गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र में छापामार कार्रवाई कर चार मेडिकल स्टोरों व एक परचूने की दुकान को सील कर दिया जबकि दो मेडिकल स्टोरों के संचालक टीम के पहुंचने की सूचना पर ताला लगाकर भाग खड़े हुए। फिलहाल मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस सस्पेंड कर शो को नोटिस जारी किया जा रहा है। वहीं FIR दर्ज करने की भी तैयारी है। इसके साथ ही औषधि विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कलेक्ट्रेट पहुंचे व्यक्ति ने बताई सच्चाई:
दरअसल सोमवार को एक व्यक्ति नशे में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन के वायल और एम्पुल लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। जिलाधिकारी की टेबल पर रखकर उसने कहा कि उसका जीवन नशीले इंजेक्शन के कारण बर्बाद हो गया है। ऐसे में युवाओं के भविष्य को बचाया जाए। जगह-जगह अवैध बिक्री हो रही है। इसके बाद जिलाधिकारी ने तत्काल टीम का गठन किया और मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम शुभम श्रीवास्तव, तहसीलदार स्वाति गुप्ता, नायब तहसीलदार गढ़ वेद प्रकाश सोनी, DI हेमेंद्र चौधरी, एसीएमओ डॉक्टर वेद प्रकाश समेत अन्य अधिकारियों ने तुरंत निर्देशों का पालन करते हुए गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र गढ़ व सिंभावली में पहुंचकर मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा।
परचून की दुकान पर बिक रही थी दवाई:
हालात देखकर टीम दंग रह गई। टीम ने पाया कि परचून की दुकान पर अवैध रूप से इंजेक्शन की बिक्री हो रही है। वहीं टीम को जांच में मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाएं तो नहीं मिली लेकिन पाया कि H1 श्रेणी की प्रतिबंधित दवाइयां को चिकित्सक के पर्चे के बिना ही बेचा जा रहा था।
चार मेडिकल स्टोर व परचून की दवाई सीज, दो फरार:
टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार मेडिकल स्टोर और एक परचून की दुकान को सील कर दिया जबकि दो मेडिकल स्टोर के संचालक मौके से फरार हो गए।
इन पर हुई कार्रवाई:
टीम ने गढ़ व सिंभावली में कार्रवाई की। मेडिकल स्टोर सिखेड़ा में चौधरी मेडिकल स्टोर, गढ़ में HK, सिंभावली में कंसल सर्जिकल मेडिकल स्टोर समेत चार स्टोर और एक परचून की दुकान को सील कर दिया। फरार मेडिकल स्टोर संचालकों को ट्रेस किया जा रहा है।
औषधि विभाग की भूमिका की जांच शुरू:
मामले में इस तरह की कार्रवाई से औषधि विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली सवालों के कटघरे में हैं। अधिकारियों की विवेचना भी की जा रही है जिससे उनकी मुश्किलें भी बढ़ती दिख रही है। जिलाधिकारी हापुड़ ने स्पष्ट कर दिया है कि विभाग, ड्रग इंस्पेक्टर की भूमिका की जांच की जा रही है। यदि विवेचना में भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
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