
सिल्ट उठाने के नाम पर तीर्थ नगरी में अवैध खनन, जिम्मेदारों पर हो मुकदमा दर्ज
हापुड़, सीमन/ मोनू शर्मा (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ की तीर्थ नगरी गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट में रामसर साइट पर सिल्ट उठाने के नाम पर अवैध खनन का मामला सामने आया है। अवैध खनन कर रेत निकालकर बलवापुर मार्ग पर सैकड़ो बीघा जमीन में चल रहे हाउसिंग प्रोजेक्ट को फायदा पहुंचाया गया है। यहां से निकले रेत को हाउसिंग प्रोजेक्ट में डालने का आरोप लगा है। वही चेयरमैन और अधिकारी हस्ताक्षर होने और न होने का दवा और वादा कर रहे हैं।
असली बात तो यह है कि मामला सामने आने के बाद अधिकारियों व प्रतिनिधियों ने अपनी तरफ से कोई मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया। हालांकि मामले में सात सदस्यीय टीम गठित की गई है।
शासन जनपद हापुड़ की तीर्थ नगरी गढ़मुक्तेश्वर को मिनी हरिद्वार के रूप में विकसित करने के लिए संकल्पबद्ध है लेकिन अधिकारी और प्रतिनिधि लापरवाही करने और अपनी जेब भरने में व्यस्त हैं। आंखों देखी खुलेआम रेत का अवैध खनन होता गया और अधिकारी गुपचुप एक दूसरे को देखते रहे। जब गहरा गड्ढा हो गया। स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं, पुरोहितों ने सवाल खड़े किए तो उसके बाद मामले ने तूल पकड़ा। अध्यक्ष राकेश बजरंगी का दावा है कि इस टेंडर प्रक्रिया में कोई हस्ताक्षर या मोहर नहीं लगाई गई है जबकि अधिशासी अधिकारी पवित्रा त्रिपाठी का कहना है कि अनुमोदन फाइल पर पालिका अध्यक्ष ने अपने हस्ताक्षर किए हैं। बहरहाल सवाल यह खड़ा होता है कि राकेश बजरंगी का कहना है कि उनके हस्ताक्षर नहीं है लेकिन तीर्थ नगरी में लगातार अवैध खनन होता गया तो अधिकारियों व चेयरमैन ने अपनी ओर से कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? मामले में लापरवाह अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए। फिलहाल डीएम ने अपर जिलाधिकारी वित्त को कमेटी का अध्यक्ष बनाया है। सात सदस्य कमेटी मामले की जांच कर रही है जिसमें प्रभागीय वन अधिकारी, उप जिलाधिकारी गढ़मुक्तेश्वर, अधिशासी अभियंता अभियंता ड्रेनेज खंड प्रथम मेरठ, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, हापुड़, खनन अधिकारी सदस्य शामिल हैं। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका गढ़मुक्तेश्वर को समन्वयक सदस्य बनाया गया है।
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