
हापुड़: नकली उर्वरक का मामला: ₹20 की राख से तैयार हो रहा था 1,000 का उर्वरक
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हाल ही में जिला कृषि विभाग की टीम ने हापुड़ की मोदीनगर रोड पर स्थित तीन गोदामों पर छापामार कार्रवाई कर नकली उर्वरक से जुड़े धंधे का पर्दाफाश किया था। सूत्रों ने बताया कि ₹20 की राजस्थानी मिट्टी से ₹1,000 का उर्वरक तैयार कर दुकानों को सप्लाई किया जा रहा था जहां से यह नकली उर्वरक किसानों को खपाया जा रहा था। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ था लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि गोदाम में नकली उर्वरक बनाया जा रहा था। गोदाम को सील करके रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। गोदाम से मिले कच्चे माल के रूप में राजस्थान की मिट्टी मिली है। सैंपल जांच को भेज दिए गए हैं और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बता दें कि तीन बड़े गोदाम पर छापामार कार्रवाई कर उर्वरक व बनाने में इस्तेमाल सामान बरामद हुआ था। बताया जाता है कि कच्चे माल के रूप में राजस्थान के उद्योगों से निकलने वाली राख और वहां की मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा था। मिट्टी और राख का खर्च अधिकतम ₹20 प्रति बोरा आता है जबकि उसमें ₹1,000 से ज्यादा कीमत का उर्वरक तैयार किया जा रहा था। इस नकली उर्वरक को नामी दुकानों, पंजीकृत, लाइसेंस वाली दुकानों के माध्यम से किसानों को बेचकर उन्हें चूना लगाया जा रहा था। अधिकारी मामले की लगातार जांच कर रहे हैं। तीन गोदाम पर हुई छापामार कार्रवाई के दौरान नकली पोटाश और उर्वरक के करीब 500 कटटों को कृषि विभाग ने अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया था। मामले में गोल्ड एग्रो साइंस न्यू शिवपुरी रेलवे रोड हापुड़, मोदीनगर रोड पर स्थित चंद्रलोक कॉलोनी के कोमल श्याम ट्रेडर्स के प्रोपराइटर विक्की सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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