
सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं वाऴ फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा “ऐशआथी सक्षम” महिला कौशल विकास कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
हापुड़, सीमन / रियाज अहमद (ehapurnews.com): हापुड़। महिलाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से वाऴ फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट एवं सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल, हापुड़ के संयुक्त तत्वावधान में “ऐशआथी सक्षम (AshAthi Saksham – Skills for Self Reliance)” महिला कौशल विकास कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास तथा सामाजिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आधुनिक, रोजगारपरक एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं, छात्राओं एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य अतिथियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत “ऐशआथी सक्षम” महिला कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन रिबन कटिंग समारोह के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर आश्रया रामचंद्रन एवं आथिरा रामचंद्रन ने संयुक्त रूप से रिबन काटकर केंद्र का शुभारंभ किया। इस अवसर ने महिलाओं के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक भविष्य की दिशा में एक नई शुरुआत का संदेश दिया।
कार्यक्रम में वाऴ फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी तथा सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की वाइस चेयरपर्सन श्रीमती रम्या रामचंद्रन, प्राचार्या डॉ. बरखा गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट मेजर जनरल डॉ. चरणजीत सिंह अहलूवालिया, सीनियर एडवाइजर ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. सहगल, डायरेक्टर रघुवर दत्त, जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन, सामुदायिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ए. रेवंत कुमार, विभिन्न विभागाध्यक्षों, चिकित्सकों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में रम्या रामचंद्रन ने कहा कि “आज का दिन केवल एक कौशल विकास कार्यक्रम का शुभारंभ नहीं है, बल्कि हजारों महिलाओं के लिए नए अवसरों, नए आत्मविश्वास और नए भविष्य की शुरुआत है। ‘ऐशआथी सक्षम’ का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी एवं सम्मानजनक जीवन जीने के योग्य बनाना है। जब एक महिला सशक्त होती है, तो उसका परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त होता है।”
उन्होंने कहा कि वाऴ फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कौशल विकास ट्रस्ट की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला में असीम संभावनाएँ होती हैं, आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, सही मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “ऐशआथी सक्षम” आने वाले समय में हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला एक प्रेरणादायी मॉडल बनेगा। उन्होंने प्रशिक्षकों, स्वयंसेवकों, आयोजन समिति एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।
जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन ने अपने संबोधन में कहा कि सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के सर्वांगीण विकास में सक्रिय योगदान देना भी है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए कौशल विकास आधारित ऐसे कार्यक्रम वर्तमान समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके परिवारों एवं समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सामुदायिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ए. रेवंत कुमार ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक उत्तरदायित्व नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण एवं आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्राप्त होते हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार, समाज एवं राष्ट्र पर दिखाई देता है। उन्होंने “ऐशआथी सक्षम” कार्यक्रम को सामाजिक परिवर्तन एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक दूरदर्शी एवं अनुकरणीय पहल बताया।
कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं के लिए छह माह का पूर्णतः निःशुल्क प्रमाणपत्र आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। कंप्यूटर एप्लीकेशन पाठ्यक्रम के अंतर्गत कंप्यूटर बेसिक्स, टाइपिंग स्किल्स, ऑपरेटिंग सिस्टम, इंटरनेट एवं ई-मेल, एम.एस. ऑफिस तथा डिजिटल कार्यकुशलता का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। वहीं ब्यूटी एवं वेलनेस पाठ्यक्रम में स्किन केयर, हेयर केयर, प्रोफेशनल मेकअप, हैंड एवं फुट केयर, हेयर रिमूवल तकनीक, मेहंदी आर्ट, सैलून मैनेजमेंट तथा ग्राहक सेवा से संबंधित रोजगारपरक प्रशिक्षण विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाली प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे, जिससे उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं एवं छात्राओं ने इस पहल का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने, अपने परिवार की आय में सहयोग करने तथा समाज में सम्मानपूर्वक अपनी पहचान स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमामयी संचालन सामुदायिक चिकित्सा विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. कोनिका गुप्ता ने किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनसमूह के मध्य उत्कृष्ट समन्वय स्थापित किया। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह के समापन पर सभी अतिथियों ने “ऐशआथी सक्षम” महिला कौशल विकास केंद्र का अवलोकन किया तथा प्रशिक्षण सुविधाओं का निरीक्षण किया। उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वाऴ फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट एवं सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल, हापुड़ की यह संयुक्त पहल महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी तथा आने वाले वर्षों में हजारों महिलाओं के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और स्वावलंबन का नया अध्याय लिखेगी।
कार्यक्रम के अवसर पर सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन ने अपना शुभकामना संदेश प्रेषित किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा,
“महिला सशक्तिकरण किसी भी विकसित एवं समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है। ‘ऐशआथी सक्षम’ जैसी पहल महिलाओं को कौशल, आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता की नई पहचान प्रदान करेगी। कौशल आधारित शिक्षा महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि वाऴ फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट एवं सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल, हापुड़ की यह संयुक्त पहल हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय मॉडल के रूप में स्थापित होगी।”
उन्होंने “ऐशआथी सक्षम” महिला कौशल विकास कार्यक्रम के सफल शुभारंभ पर वाऴ फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी तथा सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की वाइस चेयरपर्सन श्रीमती रम्या रामचंद्रन, सभी आयोजकों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों को अपनी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कार्यक्रम की निरंतर सफलता एवं व्यापक जनहितकारी प्रभाव की कामना की।

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