हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के बाहर एक बार फिर धरने की आवाज बुलंद हो रही है। साल 2008 में प्राधिकरण ने दिल्ली रोड पर दुकानों, भवनों, कृषि भूमि का अधिग्रहण किया था। यह मामला अभी भी अनसुलझा है जिसके चलते प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को भी अपना धरना जारी रखा जिसमें भूतपूर्व विधायक गजराज सिंह भी शामिल हुए।
15 दिसंबर से शुरू हुआ यह धरना 20 दिसंबर तक चलेगा। मांग पूरी ना होने पर 21 दिसंबर को पीड़ित परिवार ने पलायन की चेतावनी दी है। आपको बता दें कि साल 2008 में एचपीडीए ने आनंद विहार योजना के लिए दिल्ली रोड पर दुकान, भवन, कृषि भूमि का अधिग्रहण किया था जिसका लोगों ने जमकर विरोध किया था। उस समय आठ सौ रुपए प्रति मीटर के हिसाब से मुआवजा देने की घोषणा की गई थी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक जनवरी 2014 से सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने का शासनादेश भी आ गया लेकिन प्राधिकरण ने इससे एक दिन पहले ही 261 रुपए प्रति मीटर के हिसाब से मुआवजे की धनराशि ट्रेजरी में जमा करा दी। लोगों ने बताया कि प्राधिकरण जमीन वापस देने के लिए अब 19 हजार रुपए प्रति गज के हिसाब से पैसा मांग रहा है। मामला सीएम तक पहुंच गया लेकिन अभी तक यह है मामला उलझा हुआ ही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह 21 दिसंबर को पलायन करने को मजबूर हो जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान भूतपूर्व विधायक गजराज सिंह, भाकियू के नगर अध्यक्ष राजवीर भाटी, नूतन प्रकाश, हर्षवर्धन त्यागी आदि मौजूद रहे।





























