
नलकूप बिल घोटाले का मुद्दा किसानों ने उठाया
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): किसानों कि विभिन्न समस्याओं को लेकर किसान नेता एकलव्य सिंह सहारा के नेतृत्व में भारी संख्या में पीड़ित किसान जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान किसानों ने अपने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि घोटाला विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने किया, लेकिन सजा किसानों को दी जा रही है। किसानों का कहना था कि जब घोटाले के सबूत मिले, फर्जी रसीदें मिलीं, तो फिर किसानों से एफिडेविट क्यों मांगा जा रहा है?
एकलव्य सिंह सहारा ने कहा कि इस मामले को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता हो चुकी है। प्रशासन की ओर से थोड़ा सहयोग भी मिला है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके विपरीत किसानों को दोबारा नोटिस मिलने शुरू हो गए हैं, जिसे किसान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे।
मंडल सचिव ललित चौधरी ने कहा कि आज किसान हर तरफ से पीड़ित है। गन्ना मिलों द्वारा समय पर भुगतान का कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा। कांट्रैक्ट फार्मिंग के नाम पर आलू किसानों को उत्कल ट्यूबर कंपनी द्वारा ठगा गया है और किसानों का लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान अभी भी बकाया है। वहीं विद्युत विभाग के घोटाले की तलवार भी किसानों के सिर पर लटकी हुई है।
मंडल महासचिव भवेन्द्र सिसोदिया ने कहा कि किसान अपनी जमीन में बेच सकता है, लेकिन दिन में उसकी सही कीमत देने को कोई तैयार नहीं है। आज ज्यादातर किसान नेता अधिकारियों को बुके पकड़ाने में मगन हैं, लेकिन संघर्ष से बचते दिखाई दे रहे हैं।
वरिष्ठ पूर्व जिला उपाध्यक्ष चौधरी विनय बाना ने कहा कि हमारी मांगे स्पष्ट हैं। प्रशासन ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए अगली वार्ता से पहले समाधान का आश्वासन दिया है। हमें हमेशा की तरह उम्मीद है कि किसानों के मुद्दों को गंभीरता से लिया जाएगा, अन्यथा किसान बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
इस दौरान लोकेश प्रधान, पोदन प्रधान, रामकुमार त्यागी, शाहरुख प्रधान, दीपक प्रधान, शोकीन प्रधान, शेखर चौधरी, जगशरण सैनी, मनिंदर मसंद, विनोद धारीवाल, सुनील टाइगर, भानु सिद्धू, गौरव चट्ठा, अखिल चौधरी, डॉ मतलूब, सतबीर चौधरी आदि उपस्थित रहे।
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