हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): धौलाना में 150 करोड़ रुपए की सरकारी भूमि कब्जा मुक्त होने के बाद हापुड़ नगर में सार्वजनिक उपयोग की भूमि, ट्रस्टों की भूमि तथा नगर पालिका परिषद तथा सेना की भूमि को कब्जे धारकों से मुक्त कराने की मांग उठने लगी है।
नगर पालिका परिषद हापुड़ की भूमि अनेक लोगों को करीब 40-50 साल पहले पट्टे पर दी गई थी, जिस उद्देश्य के लिए पट्टे आवंटित किए गए, वह उद्देश्य विफल है और भूमि के दाम कई-कई करोड़ रुपए हो गए है। परिषद की दुकानों का क्षेत्रफल, आवंटित क्षेत्रफल से ज्यादा है, यानि कि कुछ दुकानदारों ने परिषद की भूमि पर कब्जे कर लिए है। नगर पालिका परिषद की भूमि का लैंड आडिट कराया जाए तो सारी पोल खुल जाएगी।
हापुड़ के स्वर्ग आश्रम रोड पर बड़े क्षेत्र में सार्वजनिक उपयोग की भूमि है जिस पर माफियों ने कब्जा कर लिया है और लोग रातों-रात मकान, दुकान बनवा रहे है। सार्वजनिक उपयोग के लिए भूमि का लगा बोर्ड भी उखाड़ कर फैंक दिया गया है.
गढ़ रोड पर एक ट्रस्ट की 850 वर्ग गज भूमि को स्वामित्व न होने के बाद भी रजिस्ट्री दफ्तर की सांठगांठ से टुकड़ों में एक व्यक्ति ने बेच डाला। लोकायुक्त की जांच में यह खुलासा हुआ। हापुड़ में सेना के पड़ाव की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए एडवोकेट अनिल आजाद अनेक बार आवाज उठा चुके है। हापुड़ के लोगों को बाबा के बुलेडोजर के चलने का इंतजार है।
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