बिजली चोर बच नहीं पाएंगे
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): एक लाख करोड़ रुपये के अधिक के घाटे से जूझ रहा पावर कॉरपोरेशन हर फीडर की एनर्जी ऑडिट करवाएगा। इस एनर्जी ऑडिट का मकसद है कि जिस फीडर से जितनी बिजली उपभोक्ताओं को सप्लाई की जाए, उतनी बिजली खपत का राजस्व पावर कॉरपोरेशन को मिल सके। इसके लिए हर फीडर पर मीटर स्थापित किए जाएंगे। इनसे एनर्जी ऑडिट किया जा सके।
■ कम राजस्व वसूली वाले फीडरों पर चलेगा अभियान
इन फीडरों के एनर्जी ऑडिट में जिन फीडरों से राजस्व वसूली कम होगी। उन इलाकों में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक इससे ज्यादा बिजली चोरी वाले इलाकों का भी पता लगाया जा सकेगा। साथ ही बिजली चोरों के खिलाफ अभियान चलाने में आसानी होगी। सभी फीडरों पर होने वाले एनर्जी ऑडिट की रिपोर्ट सीधे पावर कॉरपोरेशन के आला अधिकारियों को मिलेगी। ये अधिकारी विजिलेंस और संबंधित इलाके की टीमों के साथ संपर्क करके अभियान चलाएंगे। इस पूरे अभियान में संबंधित अधिशासी अभियंता, एसडीओ और जेई की भी जवाबदेही तय की जाएगी। अगर लंबे समय तक बिजली चोरी की संख्या में कमी नहीं आती है, तो संबंधित इंजिनियरों पर कार्रवाई भी होगी।
■ ज्यादा लाइन लॉस वाले इलाकों में पहले लगेंगे स्मार्ट मीटर
फीडरवाइज एनर्जी ऑडिट के नतीजों का इस्तेमाल स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने में भी किया जाएगा। जिन फीडरों के तहत ज्यादा बिजली चोरी होगी, वहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्राथमिकता के आधार पर लगाए जाएंगे। गौरतलब है कि पावर कॉरपोरेशन को प्रदेश के सभी घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाना है। यह पूरा काम भारत सरकार की आरडीएसएस स्कीम के तहत किया जाएगा।
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