हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हापुड़ के इंद्रलोक कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिन पंडित दाऊदयाल जी ने अपने मुख से राजा दक्ष और भगवान शंकर का वर्णन सुनाया जिसे सभी भक्तजनों ने आनंद के साथ सुना। उन्होने बताया कि माता सती ने राजा दक्ष के यहा जाकर यज्ञ मंडप में अपने प्राणों को त्याग दिया। इसके पश्चात व्यास जी ने अपने मुख से 52 अवतार का चरित्र सुनाया जो राजा बलि के द्वार पर जाकर तीन पग भूमि मांगते हैं। उन्होंने वहॉं जाकर भूमि मांगी और राजा बलि से संकल्प किया कि उन्हें तीन पग भूमि दे राजा बलि ने जब संकल्प देने का विचार किया तो तभी वहां दैत्य शुक्राचार्य जी आ गए और उन्होंने राजा से कहा कि हे राजा आप य़ह क्या करने जा रहे हैं। य़ह बालक कोई साधारण बालक नहीं है। य़ह साक्षात हरि विष्णु है। य़ह तुम्हारा सब कुछ हरण कर ले जायेंगे। इसलिए हे राजन आप इसे संकल्प न दे।
व्यास जी कहते हैं जो व्यक्ति भगवान के नाम से भटक जाता है वह जीवन में कभी सफल नहीं हो पाता। परमात्मा अंश है, इस संसार में कोई किसी के आँसू नहीं पोछता क्योंकि सबका दामन गीला है। हम जैसा पहनते हैं हमे सब वैसा ही दिखाई देता है। कभी सुख है कभी दुख है और सुख – दुख का नाम ही जीवन है जो गिरकर सम्भल जाए उसे इंसान कहते है और जो पराया दर्द समझे उसे इंसान कह्ते है। ठाकुर जी के नाम में ही चमत्कार है जो कोई कुछ दान करता है उसे लौटकर वही मिलता है। गैरों से क्या गिला करें जब अपने ही बदल गये और अंत में 52 भगवान की भव्य झांकी का आयोजन किया गया जिसमें सभी भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे. इस मोके पर व्यवस्थापक पं• देशराज ब्रजवासी, पं• जतिन कौशिक, पं• अशोक कौशिक, सुनील कुमार गोयल, भीमा अग्रवाल, तरुण कंसल, रामकुमार गुप्ता, अभिषेक गर्ग, पीयूष अग्रवाल, विकास अग्रवाल, अशोक भगत, नरेश कंसल, पूजा अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, सविता गोयल, सुमन देवी, अनुराधा, डोली, प्रीति, पिंकी, सोनिया, बाला देवी एवं अनेक भक्तगण सम्मिलित रहे।




























