हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ की चंडी रोड निवासी उद्यमी राजेंद्र गुप्ता की धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में प्लास्टिक पाइप बनाने की फैक्ट्री है। फैक्ट्री के मीटर में पिछले तीन महीनों से तकनीकी खराबी आ रही है लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों ने तीन महीने का 30 लाख रुपए का बिल उद्यमी को भेज दिया जिसे देखकर उसके होश उड़ गए। इसके बाद उसने मीटर ठीक करने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाए लेकिन किसी ने एक न सुनी। मामला जब एमडी तक पहुंचा तो रविवार को ही लापरवाह अधिकारियों ने खराब मीटर बदल दिया और उद्यमी से माफी मांगी।
दरअसल राजेंद्र गुप्ता की फैक्ट्री में 120 किलो वाट का कमर्शियल कनेक्शन है। उद्यमी का कहना है कि हर माह लगभग दो से ढाई लाख रुपए के आसपास का बिल आता है लेकिन पिछले तीन महीने से मीटर में तकनीकी खराबी आ रही है। उनके होश तब उड़ गए जब ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने 30 लाख रुपए का तीन महीने का बिल भेज दिया। बिल को ठीक करने के लिए उद्यमी ने विभाग के चक्कर लगाए। यहां तक की एसडीओ के पास भी पहुंचे जिसने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। जब मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई तो अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया जिन्होंने रविवार को ही मीटर बदल दिया।

विभाग को लापरवाह कर्मचारियों व अधिकारियों के कार्रवाई करने की जरूरत है ऐसा अक्सर प्रकाश में आता है कप फर्स्ट अधिकारी व कर्मचारी चंद रूपों के लालच में उपभोक्ताओं को परेशान करते हैं उपभोक्ता चक्कर लगाता रहता है लेकिन अधिकारी किसी की नहीं सुनते ताजू की बात यह है कि जो काम पिछले 3 महीना से नहीं हुआ उसे अधिकारियों ने शिकायत के बाद ही रविवार को समाधान कर दिया ऐसे में लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में कोई उपभोक्ता परेशान ना हो
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