
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा ने स्पष्ट निर्णय दिया कि दीपावली पर्व स्वाति नक्षत्रयुक्त अमावस्या में 8 नवम्बर रविवार को, गोवर्धन पूजा 10 अक्टूबर मंगलवार तथा भैयादूज पर्व 11 अक्टूबर बुधवार को मनाया जाएगा जबकि 09 नवम्बर सोमवार को सोमवती अमावस्या शुभ संयोग में पितृ कार्य एवं स्नान-दान किया जाएगा जो पूर्णतः शास्त्र सम्मत है राजेंद्रनगर हापुड़ स्थित प्रधान कार्यालय पर पूरे दिन हुई विद्वानों की बैठक में गहन मंत्रणा के बाद जानकारी देते हुए महासभा अध्यक्ष ज्योतिर्विद पंडित के0 सी0 पाण्डेय काशी वाले ने बताया कि अमावस्या तिथि 08 नवम्बर को सुबह 11.28 बजे से प्रारम्भ होकर अगले दिन दोपहर 12.31 बजे तक रहेगा धर्मग्रंथों में स्वाति नक्षत्रयुक्त प्रदोषकाल के साथ निशीथकाल युक्त कार्तिक कृष्ण अमावस्या तिथि को ही सुख समृद्धि हेतू दीपावली लक्ष्मीपूजन श्रेष्ठ बताया गया है जो इसबार 08 नवम्बर रविवार को कर्मकाल समय में प्राप्त है जबकि उदयातिथि अमावस्या प्राप्त होने से स्नान दान अमावस्या 09 नवम्बर को रहेगा पंच दिवसीय पर्व का प्रारम्भ कार्तिक कृष्ण त्रयोंदशी (धनतेरस) से होगा जो 06 नवम्बर शुक्रवार को है धर्मग्रंथों के अनुसार धनतेरस के दिन ही धन्वंतरि अमृत कलश लेकर तथा माँ लक्ष्मी जी भी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थी अतः इसदिन स्वास्थ्य व समृद्धि के लिए देव धन्वंतरी, धन के स्वामी कुबेर व लक्ष्मी जी की विशेष रूप से पूजा का विधान है परम्परानुसार धनतेरस के दिन सोना -चांदी, बर्तन या धातु की वस्तु अवश्य खरीदना चाहिए, मंत्री पंडित देवी प्रसाद तिवारी एवं कोषाध्यक्ष पंडित मित्र प्रसाद काफ्ले ने बताया कि त्रयोंदशी तिथि 06 नवम्बर शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे से शुरू होकर 07 नवम्बर सुबह 10.48 तक रहेगा धनतेरस पूजन 06 नवम्बर सायंकाळ में किया जाएगा समन्वयक पंडित अजय पाण्डेय ने बताया कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि 07 नवम्बर शनिवार को सुबह 10.48 बजे से प्रारम्भ होकर 08 नवम्बर को सुबह 11.28 तक रहेगा जिसे नरक चतुर्दशी व परम्परा में छोटी दिवाली भी कहते है निर्णय अनुसार दीपदान, यमदीपक तथा हनुमानजी का जन्मोत्सव 07 नवम्बर में तथा रूप चतुर्दशी अभ्यंग स्नान 08 नवम्बर को सूर्योदय पूर्व होगा. महासभा संरक्षक डॉ0 वासुदेव शर्मा एवं परामर्श मण्डल विद्वान पंडित ओमप्रकाश पोखरियाल ने गोवर्धन पूजा संशय दूर करते हुए कहा कि प्रतिपदा तिथि 09 नवम्बर को दोपहर 12.31 बजे से प्रारम्भ होकर 10 नवम्बर को अपरान्ह 2 बजेतक है मंगलमालिका एवं मार्गपाली बंधन शुभयोग के साथ गोवर्धन पूजा 10 नवम्बर मंगलवार को होगा भैयादूज के सम्बन्ध में उत्पन्न संशय को दूर करते हुए महामंत्री अनिशा सोनी पाण्डेय एवं पंडित गौरव कौशिक ने प्रामाणिक बताया कि भैयादूज अपरान्ह कालीन पर्व है द्वितीया तिथि 10 नवम्बर को दोपहर बाद 2 बजे से शुरू होकर 11 नवम्बर को सम्पूर्ण अपरान्ह 3.53 बजे तक रहेगा धर्मसिंधु अनुसार यदि दोनों दिन अपरान्ह कालीन द्वितीया तिथि प्राप्त हो तो दूसरे दिन उदयातिथि के साथ पूर्ण अपरान्ह प्राप्त होने से भैयादूज 11 नवम्बर बुधवार को पूर्णतः शास्त्रसम्मत है प्रवक्ता पंडित प्रशांत वशिष्ठ एवं पंडित अमर प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि महासभा एक राष्ट्र एक पर्व सही पर्व उद्देश्य के साथ निरंतर प्रयासरत है अतः कई पंचांगो के साथ साथ निर्णयसिंधु, धर्मसिंधु, पुरुषार्थ चिंतामणि, तिथि व्रतराज, स्कंदपुराण, मत्स्यपुराण, नारद पुराण, भविष्य पुराण आदि धर्मग्रंथो के अवलोकन के निष्कर्ष पर महासभा का ये निर्णय है पं0 जगदम्बा शर्मा, पं0 अनिल कुमार शुक्ला, पंडित शैलेन्द्र मिश्रा शास्त्री, पंडित आदित्य भारद्वाज,पंडित आशुतोष शुक्ला, पं0 सर्वेश तिवारी,परामर्श मंडल विद्वान पंडित संतोष तिवारी एवं पंडित पुरुषोत्तम दाहाल, संरक्षक पं0 अखिलेश शर्मा एवं पं0 हरीश शर्मा, मंत्री डॉ0 करुण शर्मा, पं0 माधव राम शर्मा,पं0 राहुल शर्मा, पंडित अजय त्रिपाठी, पं0 अजय शर्मा, पंडित शैलेन्द्र अवस्थी, एस्ट्रो धर्मेंद्र बंसल, पंडित ब्रजेश कौशिक, पं0 आशीष पोखरियाल, पंडित अभिषेक अवस्थी सहित सभी विद्वानों ने महासभा निर्णय पर पूर्ण सहमति व्यक्त की बैठक की अध्यक्षता महासभा अध्यक्ष पंडित के0 सी0 पाण्डेय काशी वाले ने किया।
पंचदिवसीय दीपावली पर्व पर श्रेष्ठ पूजन मुहूर्त इस प्रकार है-
धन्वंतरि (धनतेरस) पूजन श्रेष्ठ मुहूर्त :-
06 नवम्बर 2026 शुक्रवार
सायं 5.30 बजे से 7.57 तक प्रदोषकाल, स्थिर लग्न।
धनतेरस खरीददारी मुहूर्त:-
06 नवम्बर सुबह 11.40 बजे से 07 नवंबर शनिवार सुबह 09.21 तक।
दीपावली पूजन श्रेष्ठ मुहूर्त प्रतिष्ठान व घर :-
08 नवम्बर 2026, रविवार
सायं 5.24 बजे से रात्रि 8.45 बजे तक स्वाति नक्षत्रयुक्त शुभ व अमृत चौघड़िया, स्थिर लग्न, आयुष्मान योग।
निशीथ काल पूजन मुहूर्त :-
रात्रि 11.37 बजे से 2.40 तक निशीथकाल,सिंह लग्न, लाभ चौघड़िया
गोवर्धन पूजन मुहूर्त :-
10 नवम्बर 2026 मंगलवार
सुबह 7.11 बजे से दोपहर 1.23 तक
मंगलमालिका और मार्गपाली बंधन मुहूर्त :-
सायं 5.27 बजे से 7.41 बजे तक
भाईदूज स्नान, मंगल तिलक श्रेष्ठ मुहूर्त :-
11 नवम्बर 2026, बुधवार
सुबह 10.41 बजे से दोपहर 12.02 बजे तक तथा अपरान्ह 1.22 बजे से अपरान्ह 3.53 तक विशेष श्रेष्ठ।
विशेष :- 08 नवम्बर दीपावली के दिन व्यवसाय अनुसार अलग अलग लग्न व मुहूर्त में भी प्रतिष्ठान पूजन किया जाएगा.
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