
प्लाटिंग के धंधेबाज ने औद्योगिक भूमि का आवास में कराया बैनामा
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): वैसे तो हापुड़ में प्लाटिंग के धंधेबाजों ने सरकार को राजस्व का चूना लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है और हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के रिश्वतखोर इंजीनियरों की सांठगांठ से राजस्व चोरी को बढ़ावा मिल रहा है। अब एक ऐसा मामला जानकारी में आया है जिसमें सरकार को स्टांप ड्यूटी की चोरी में अब तक 8 करोड़ का चूना लग चुका है। जब इसकी पर्ते खुलेगी तो यह चोरी और अधिक हो सकती है। रजिस्ट्री दफ्तर बिना सर्व करें रिश्वत के बल पर बैनामें कर रहा है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार हापुड़ कठोर मार्ग पर स्थित राघव रीजेंसी के ठीक सामने एक धंधे बाज ने एक किसान से भूमि का सौदा सस्ते दामों में करा लिया और किसान से यह शर्त की की किसान ही प्लॉटिंग की एक-एक रजिस्ट्री करेगा। यह जमीन 6 हजार वर्ग मीटर बताई जा रही है। प्रॉपर्टी के धंधेबाज ने हापुड़ कठोर मार्ग पर एक लोहे का गेट खड़ा किया और फिर सड़क व नाली बनवाई तथा बिजली के पोल लगाए। पौधारोपण भी किया गया। ईटों की मदद से प्लॉटों की मार्किंग की गई। प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना प्लाटिंग करना पूरी तरह अवैध है। धंधेबाज ने भू उपयोग भी चेंज नहीं कराया है।
सूत्रों के अनुसार व्यवसायिक भूमि की स्टांप ड्यूटी 20 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर है जबकि आवासीय में यह दर 65 सौ प्रति वर्ग मीटर है। 6 हजार वर्ग मीटर पर करीब अब तक 8 करोड रुपए के राजस्व की चोरी हो चुकी है। धंधेबाजों ने प्राधिकरण को औद्योगिक भूमि बताई जबकि बेनामे आवासीय में है। प्लाटिंग के धंधे में सर्वगुण संपन्न धंधेबाजों ने एक भोले भाले काश्तदार को मुनाफे का सब्जबाग दिखाकर टैक्स चोरी के मकड़जाल में फंसा दिया है जो भविष्य में काश्तकार के लिए मुसीबत कर खड़ा होगा।
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