हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): शासन के निर्देश पर जनपद में चल रहे सक्रिय क्षय रोगी खोज (एसीएफ) अभियान के अंतर्गत चार दिवसीय क्लोज सेटिंग के तहत क्षय रोग विभाग की टीम टीबी के प्रति संवेदीकरण में जुटी हैं। तीसरे दिन बुधवार को एक टीम स्वर्ग आश्रम रोड स्थित दोमई स्थित वृद्धाश्रम पहुंची और दूसरी टीम ने धौलाना ब्लॉक के सिखेड़ा गांव स्थित मदरसा इस्लामिया में पहुंचकर संवेदीकरण किया। मदरसा में मौलवी के साथ बैठक करने के बाद छात्रों को भी टीबी के लक्षणों की विस्तार से जानकारी दी और लक्षण होने पर टीबी जांच कराने के लिए प्रेरित किया।
जिला पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक हसमत अली और जॉनी कुमार ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को बताया – दो सप्ताह से अधिक खांसी, खांसी में बलगम या खून आना, बुखार और थकान रहना, रात में सोते समय पसीना आना और वजन कम होना टीबी के लक्षण हो सकते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण आने पर टीबी की जांच अवश्य कराएं। बुजुर्गों को बताया गया कि टीबी का अब बेहतर उपचार उपलब्ध है। उपचार पूरा करने पर टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है।
जिला पीएमडीटी टीबी – एचआईवी समन्वयक मनोज गौतम के नेतृत्व में क्षय रोग विभाग की एक टीम बुधवार को निजामपुर स्थित राजकीय आईएएस- पीसीएस कोचिंग सेंटर पहुंची। टीम ने कोचिंग सेंटर में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं को टीबी के प्रति संवेदीकरण किया और लक्षण आने पर तुरंत जांच कराने के लिए प्रेरित किया।
दूसरी ओर धौलाना ब्लॉक के सिखेड़ा गांव स्थित मदरसा इस्लामिया में वरिष्ठ प्रयोगशाला पर्यवेक्षक रामा कृष्णा और टीबीएचवी दानिश अली की टीम ने मदरसा के मौलवी के साथ बैठक कर क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी और साथ ही मदरसा के छात्रों को टीबी के लक्षण बताए। रामा कृष्णा ने बताया – फेफड़ों की टीबी एक से दूसरे व्यक्ति को लगने वाली बीमारी है, इसलिए इसकी जल्दी पहचान और उपचार जरूरी है। हालांकि केवल फेफड़ों की टीबी ही संक्रामक होती है, दूसरे अंगों में होने वाली टीबी एक से दूसरे व्यक्ति को नहीं लगती।
रामा कृष्णा ने मदरसा में मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा – किसी को दो सप्ताह से अधिक खांसी, शरीर में कहीं गांठ पड़ना, वजन कम होना और बुखार रहना टीबी के लक्षण हो सकते हैं। आप लोग अपने आसपास रहने वाले लोगों में भी यदि इस प्रकार के लक्षण देखें तो जांच कराने को कहें। धौलाना और पिलखुवा स्थित सरकारी अस्पताल में जांच और टीबी की पुष्टि होने पर उपचार की पूर्ण व्यवस्था है। इसके अलावा सरकार की ओर से टीबी रोगियों को हर माह पांच सौ रुपए का भुगतान उनके खाते में किया जाता है। टीबी भी अन्य बीमारियों की ही तरह है, इसे छिपाएं नहीं, बल्कि तुरंत जांच और उपचार कराएं। ऐसा करके न केवल आप स्वस्थ रहेंगे बल्कि आपके आसपास रहने वाले भी स्वस्थ रहेंगे।
हापुड़: बर्तन व्यापारी के यहां पहुंची जीएसटी की एसआईबी टीम
🔊 Listen to this हापुड़, सीमन/संजय कश्यप (ehapurnews.com): हापुड़ के कसेरठ बाजार में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब गाजियाबाद से आई जीएसटी विभाग की एसआईबी टीम सर्वे…
Read more



























