हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : जनपद हापुड़ की तीर्थनगरी में सफाई अभियान सिर्फ कागजों में ही हो रहा है। यह वीडियो कुछ इसी तरह के हालातों को बयां कर रही हैं जहां बृजघाट में गंगा किनारे गंदगी का लगा अंबार सफाई कर्मचारियों की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर रहा है। इस दौरान नगर पालिका परिषद गढ़मुक्तेश्वर द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की बू भी आ रही है। साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी समझना चाहिए कि जगह-जगह कूड़ा न फेंकें बल्कि उसे कूड़ेदान में ही डाले।
बता दें कि तीर्थनगरी से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। लोग गंगा को मां की तरह पूजते हैं। रविवार को गंगा मैया जन्मोत्सव के अवसर पर रविवार को भारी संख्या में श्रद्धालु तीर्थनगरी उमड़े और गंगा मैय्या का आशीर्वाद लिया। यहां श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटक भी आने लगे हैं। ब्रजघाट पर ऐसा देखा जा रहा है कि जगह-जगह प्लास्टिक की बोतले और ग्लास को कहीं भी लोग फेंक रहे हैं। वहीं नगर पालिका परिषद गढ़मुक्तेश्वर द्वारा रखे गए सफाई कर्मचारी भी अक्सर नदारद रहते हैं जो कि खानापूर्ति के लिए झाड़ू घुमाते हैं। जिलाधिकारी मेधा रुपम ने भी ब्रजघाट पहुंचकर निरीक्षण किया था जहां अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे लेकिन उसके बाद भी धरातल पर लापरवाही के अलावा कुछ और नजर नहीं आ रहा।
बता दें कि गढ़मुक्तवर को सरकार हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करने का दावा कर रही है लेकिन यहां लापरवाह ठेकेदार और भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से सरकार की इस योजना को पलीता लग रहा है। ऐसे में नगर पालिका परिषद गढ़मुक्तेश्वर द्वारा रखे गए सफाईकर्मचारियों का भौतिक सत्यापन बेहद जरुरी है। कहीं ऐसा तो नहीं कि सिर्फ कागजों में ही साफ-सफाई चल रही हो। जांच के बाद लापरवाही सामने आएगी।























