हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : यूक्रेन और रुस के बीच युद्ध के जल्दी बंद न होने की आशंका के मध्य खाद्य तेलों के दामों में तेजी की आग लगने की उम्मीद जताई जा रही है जिस वजह सरसों का स्टाकिस्ट तैयार हो गया है। सरसों के स्टाक में कालेधन का निवेश होना निश्चित है।
हापुड़ में नई सरसों की आवकें धीरे-धीरे बढ़ रही है, जो 60-70 बोरी प्रतिदिन तक पहुंच गई। अभी भी सरसों नमी लिए है। सरसों की एक्सपेलर वालों की है जिसका तेल वह हाथों हाथ रहे है। फिलहाल सरसों 6500-6700 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है।
40-42 प्रतिशत गारंटी की सरसों की आवकें जैसे ही बढ़नी शुरु होंगी तब स्टाकिस्ट लिपट जाएगा और गारंटी की सरसों के भाव गत वर्ष के अपेक्षा ऊंचे रहेंगे। गत वर्ष हापुड़ मंडी में सरसों के भाव 7500 रुपए प्रति क्विंटल तक रहे।
स्टाकिस्टों ने सरसों के स्टाक करने की भूमिका को अंतिम रुप दिया जा रहा है और इस धंधे में मंडी समिति के गठजोड़ की सम्भावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
हापुड़ के भगवती गंज, धीरखेड़ा, नवीन मंडी स्थल, रिलायंस पैट्रोल पम्प के पास, जरौठी रोड, पक्का बाग में गोदामों को झाड़-पौछ कर सरसों के भारी स्टाक करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
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