हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत “आईकोनिक वीक ऑफ हैल्थ” के तहत क्षय रोग विभाग की ओर से मंगलवार को पिलखुवा स्थित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर (एएनएमटीसी) में चल रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में आशाओं को टीबी के खिलाफ कलंक शमन की शपथ दिलाई गई। इसी के साथ आशाओं से आव्हान किया गया कि वे अपने आसपास के लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए जागरुक करें और साथ ही कोविड अनुरूप व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी दें। जन समुदाय को बताएं कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करके ही आप अपना और अपने परिवार का कोविड व अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव कर सकते हैं।
जिला पीपीएम कोर्डिनेटर सुशील चौधरी ने बताया टीबी हमारे देश की सबसे बड़ी संक्रामक बीमारी है। इस रोग की जल्दी पहचान और उपचार शुरू करने से टीबी के वैक्टीरिया की संक्रमण चेन को तोड़ा जा सकता है। उन्होंने बताया टीबी की जांच और उपचार की सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर कम से कम छह माह दवा खानी ही होती है। उसके बाद जांच और चिकित्सक की सलाह पर दवा आगे भी बढाई जा सकती है, लेकिन ध्यान रहे चिकित्सक की सलाह के बिना बीच में दवा छोड़ने की गलती कतई न करें। ऐसा करने से टीबी मल्टी ड्रग रेसिसटेंट (एमडीआर) हो जाती है। उस स्थिति में टीबी का उपचार और मुश्किल व लंबा हो जाता है।
जिला पीपीएम कोर्डिनेटर सुशील चौधरी ने आशाओं को शपथ दिलाई – “ हम यह शपथ लेते हैं कि क्षय रोग के संबंध में समाज को बताएंगे कि क्षय रोग कोई कलंक या अभिशाप नहीं है, तथा इसका इलाज संभव है। इस कार्य में समर्पित होकर स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में अपना पूर्ण योगदान देंगे। टीबी हारेगा देश जीतेगा, जय हिंद।” पीपीएम कोऑर्डिनेटर ने इस मौके पर कहा कि टीबी के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जन सहभागिता जरूरी है। इसलिए जन समुदाय को टीबी के लक्षणों, जांच और उपचार के संबंध में पूर्ण जानकारी होना अति आवश्यक है, तभी 2025 तक भारत को टीबी मुक्त किया जा सकता है।
स्वास्थ्य कर्मियों ने लिया एहतियाती टीका:
जनपद में स्वास्थ्य कर्मियों और कोमोर्बिड वरिष्ठ नागरिकों को कोविडरोधी टीके की तीसरी डोज (एहतियाती टीका) देने का अभियान सोमवार से शुरू हो गया। मंगलवार को जिला पीपीएम कोर्डिनेटर सुशील चौधरी ने अपनी टीम के साथ कोविडरोधी टीके की एहतियाती डोज ली। उन्होंने अपने साथी स्वास्थ्य कर्मियों का आव्हान किया है कि अपनी डयूटी का बखूबी अंजाम देने के लिए एहतियाती टीका लेने जरूरी है, इसलिए सभी साथी टीके की तीसरी डोज अवश्य लें।





























