हापुड़, सीमन/पुलकित अग्रवाल (ehapurnews.com): अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टियां कड़ी मेहनत कर रही हैं लेकिन धौलाना विधानसभा सीट ऐसी हैं जहां भाजपा के अपने ही पार्टी की लुटिया डुबो सकते हैं। यहां अक्सर गुटबाजी हावी रहती है। धौलाना विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो भाजपा के तीन नाम इन दिनों सुर्खियों में है। अफवाहों के बाज़ार में यह तीनों खुद को दावेदार के तौर पर पेश कर रहे हैं। लेकिन इन तीनों में से किसी को भी टिकट मिलना भाजपा के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है।
गुटबाजी रही हावी:
सूत्र बताते हैं कि यदि भाजपा ने इन तीनों में से किसी एक को भी टिकट दिया तो भाजपा की हार निश्चित है क्योंकि बाकी दो को टिकट न मिलने पर उनके कार्यकर्ता और समर्थक भाजपा के उम्मीदवार के विरोध में उतर आएंग और राजनीति की नीति में अंदरूनी कलह हावी हो सकती हैं। ऐसे में भाजपा को एक चौथे चेहरे पर मुहर लगाने की जरुरत है।
असलम को परास्त करने का दम:
भाजपा को इस बात का भी विशेष ध्यान रखने की जरुरत है कि उम्मीदवार ऐसा हो जो सपा के कद्दावर नेता और मौजूदा विधायक असमल चौधरी को परास्त कर सके। अगर आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वाई.पी. सिंह को धर्मेश तोमर ने हरा दिया लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में असलम चौधरी ने सभी को पीछे छोड़ दिया और भारतीय जनता पार्टी के रमेश चंद तोमर को 3576 वोटों के मार्जिन से हराया था। ऐसे में भाजपा को एक अलग चेहरे की जरुरत है जो कि असमल चौधरी को परास्त कर सके और समीकरणों को साध सकें।
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