
20 अक्टूबर मंगलवार को दोपहर 12.50 बजे से होगा दशहरा पूजन – पंडित के0 सी0 पाण्डेय
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): असत्य पर सत्य के विजय का प्रतीक पर्व विजयादशमी (दशहरा ) हर्षोल्लास के साथ 20 अक्टूबर 2026 मंगलवार को दोपहर 12.50 से पूजन के साथ मनाया जायेगा धर्मग्रंथो के अनुसार दशहरे के दिन ही भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था तथा शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध भी दशहरे के दिन ही किया था इसीलिए अधर्म पर धर्म के विजय,अन्याय पर न्याय की प्राप्ति तथा पाप के अंत के रूप में दशहरा पर्व मनाया जाता है भारतीय ज्योतिष-कर्मकांड महासभा अध्यक्ष ज्योतिर्विद पंडित के. सी. पाण्डेय काशी वाले ने बताया कि यद्यपि दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12.50 बजे से प्रारम्भ होकर 21 अक्टूबर को दोपहर बाद 2.12 तक लेकिन श्रवण नक्षत्र 20 अक्टूबर को सायंकाल 6.02 तक ही है अतः शास्त्रमत काले=अपराह्ने। परदिनेऽपराह्ने श्रवणाभावे तु सर्वपक्षेषु पूर्वेव अर्थात् विजयादशमी अपराह्णकाल में श्रवण नक्षत्र समय कहा है यदि अगले दिन श्रवण नक्षत्र का अभाव हो तो पहले दिन ही ग्रहण करें इसलिए 20 अक्टूबर को ही शास्त्रसम्मत विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा दशहरा पर्व विजय, सफलता, समृद्धि का पर्व है विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजन व नीलकंठ पक्षी दर्शन का भी विशेष महत्व है, शत्रुओ पर सफलता प्राप्त करने के लिए इस दिनशमी वृक्ष की पूजा की पूजा के बाद सीमोलंघन भी अवश्य करना चाहिए, श्री राम रक्षा स्तोत्र, दुर्गा चालीसा, सुन्दरकांड का पाठ करे.
दशहरा पूजन, शमी -अपराजिता वृक्ष पूजन एवं शस्त्र पूजन श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त :-
श्रवण नक्षत्र, रवि योग, बल व विजय मुहूर्त के साथ दोपहर अपरान्ह 12.50 बजे से 2.45 तक
धर्म व परम्परा के अनुसार दशहरे की शाम को नवीन वस्त्र धारण करके अपने श्रेष्ठजनों का आशीर्वाद भी अवश्य लेना चाहिए तथा उपहार का आदान प्रदान भी किया जाता है
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