
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): #CyberFraud #CBI #IncomeTax #Scam
पैसे कमाने के लालच में लोग तरह-तरह के रास्ते अपना रहे हैं। आजकल साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ते जा रहे हैं। करीब सवा साल पहले वर्ष 2025 में दिल्ली की पटेल नगर साइबर सेल पुलिस ने करीब 16.70 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले हापुड़ की की गढ़ रोड स्थिति पक्का बाग निवासी 29 वर्षीय अमन कुमार, हापुड़ के आर्य नगर निवासी 39 वर्षीय राहुल त्यागी, बैंक कर्मचारी गौतम बुद्धनगर के दुजाना निवासी अंकित कुमार तथा बरेली के मानपुर के टांडा मीर नगर निवासी अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच यही नहीं रुकी। पुलिस आखिर यह पता लगाने में जुटी है कि इन धोखाधड़ी और साइबर ठगी के पीछे गिरोह का सरगना कौन है? एजेंसियां गिरोह के सरगना तक पहुंचने के लिए जांच कर रही हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह कई तरीकों से लोगों के साथ साइबर ठगी को अंजाम देते और लोगों को निवेश करने के नाम पर अच्छे मुनाफे का झांसा देते। आरोपी फर्जी कंपनियों के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाते और कमीशन के लिए यह खाते साइबर ठगों को बेच देते।
यह है मामला:
दरअसल दिल्ली के पटेल नगर के रहने वाले एक शख्स ने सोशल मीडिया पर निवेश का एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में निवेश करने पर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। कच्चे लालच का झांसा देकर आरोपियों ने पीड़ित व्यक्ति को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया। साइबर ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने ₹10,000 निवेश कर दिए। फिर ऐप पर फर्जी तरीके से उसके खाते में अच्छी खासी रकम दिखने लगी। इसके बाद आरोपियों ने उसे और निवेश करने के लिए कहा। पीड़ित ने कुल 16 लाख 70,000 रुपए निवेश कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने उसे ग्रुप से निकाल दिया। जब पीड़ित ने खाते से रुपए निकालने का प्रयास किया तो उसे ठगी का पता चला।
पुलिस से की शिकायत:
इसके बाद उसने दिल्ली की साइबर सेल पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने उन खातों की पड़ताल की जिसमे ठगी की रकम गई थी। उसी कड़ी में पता चला कि एक खाते में पांच लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। खाता नोएडा के एक निजी बैंक में धर्म इंटरप्राइजेज के नाम से खुला था।
हापुड़ से हुई गिरफ्तारी:
छानबीन की गई तो पुलिस के होश उड़ गए। वर्ष 2025 में पुलिस ने 9 अप्रैल को सबसे पहले अमन को हापुड़ से दबोच लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने राहुल त्यागी निवासी हापुड़ को नोएडा के सेक्टर 7 से 10 अप्रैल को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि जब पुलिस ने नोएडा क्षेत्र स्थित राहुल त्यागी के घर की तलाशी ली तो वहां से 11 चेक बुक, तीन पैन कार्ड, अन्य सामान बरामद हुआ।
फर्जी दस्तावेज पर खुले थे खाते:
सभी खाते फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुलवाए गए थे। दोनों की गिरफ्तारी के बाद वह झटपटाने लगे। आरोपियों ने पुलिस को कड़ी पूछताछ में बताया कि वह खाता खोलकर साइबर ठगों को बेच देते।
साइबर ठगों को बेचें खाते:
मुनाफा कमाने के लालच में वह इस धंधे को अंजाम दे रहे थे। वहीं मामले में निजी बैंक में फर्जी कंपनियों के नाम से खाता खुलवाने वाले बैंक कर्मी अंकित और अभिषेक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था जिन्होंने आरोपियों की मदद की थी। उस दौरान पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस आखिर यह पता लगाने में जुटी है कि मास्टरमाइंड कौन है? जो खाता साइबर ठगी में इस्तेमाल करते थे। बताया जा रहा है कि वह भोले भाले लोगों को फंसाते हैं और उन्हें कमीशन देकर उनके खाते में रुपए मंगवाते हैं। इस तरह के लोग लग्जरी जीवन जीने के आदी हैं। ऐसे धोखेबाज सिर्फ दिल्ली पुलिस की साइबर सेल, पटेल नगर थाना पुलिस की ही नहीं बल्कि कई जनपदों, राज्यों के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों की भी रडार पर हैं। मामले में टीमों को और भी कई सुराग हाथ लगे हैं। बताया जा रहा है कि यह सभी जल्दी जल्दी अपना ठिकाना बदलते हैं। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।



















