
श्रावण मास के द्वितीय सोमवार में विभिन्न मनोकामना पूर्ति हेतु विभिन्न द्रव्यों से भगवान शिव का अभिषेक कर भगवान शिव को प्रसन्न करें!जाने ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय से 9634408321
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): देवलोक कॉलोनी स्थित श्री ज्योतिष कार्यालय से ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय ने बताया श्रावण मास में भगवान भगवान शिव का अभिषेक विभिन्न मनोकामनाओं के अनुसार अलग-अलग द्रव्यों से किया जाता है। शास्त्रों में श्रद्धा, भक्ति और शुद्ध मन को सबसे अधिक महत्व दिया गया है।
विवाह में बाधा दूर करने के लिए दूध, गंगाजल और केसर से भगवान शिव का अभिषेक करें,एवं 11 या 21 बेलपत्र भगवान शिव पर चढ़ाये,और नमः शिवाय या गौरीशंकराय नमः का जप करें इससे वैवाहिक जीवन और योग्य जीवनसाथी की कामना की जाती है। संतान प्राप्ति के लिए,दूध, दही और शहद से भगवान शिव का अभिषेक करें !एवं सफेद पुष्प और बेलपत्र भगवान शिव पर चढ़ाये !और नमः शिवाय के साथ संतान गोपाल मंत्र का जपकरें ! इससे उत्तम संतान सुख की प्रार्थना की प्राप्ति होती हैं।स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए गंगाजल, दूध और पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करें।एवं मृत्युंजय मंत्र का 108 बार जप रुद्राक्ष की माला से करें !त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ मंत्र का जप करें !धन, समृद्धि और व्यापार उन्नति के लिए
गन्ने का रस, शहद और जल से भगवान शिव का अभिषेक करें।बेलपत्र तथा चंदन भगवान शिव पर चढ़ाये। श्रीं नमः शिवाय श्रीं का जप करें !इससे आर्थिक उन्नति और व्यवसाय में वृद्धि की कामना की जाती है।ग्रहदोष शांति के लिए काले तिल मिले जल से भगवान शिव का अभिषेक करें।महामृत्युंजय मंत्र या नवग्रह शांति मंत्र का जप करें !कालसर्प, पितृदोष आदि की शांति हेतु रुद्राभिषेक कराया जाता है।मानसिक शांति और पारिवारिक सुख के लिए जल में इत्र या चंदन मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। नमः शिवाय का जप करें।मन की शांति और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।शत्रु बाधा एवं संकट निवारण के लिए
सरसों मिले जल या केवल गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करें।महामृत्युंजय मंत्र और रुद्राष्टकम का पाठ करें ।भगवान शिवजी से भय, संकट और बाधाओं से रक्षा की प्रार्थना करें।
सोमवार के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।शिवलिंग पर पहले शुद्ध जल अर्पित करें।मनोकामना अनुसार सामग्री से अभिषेक करें।बेलपत्र, पुष्प और चंदन अर्पित करें।धूप-दीप जलाकर आरती करें।अपनी मनोकामना प्रार्थना स्वरूप शिवजी के समक्ष निवेदित करें।श्रावण में की गई पूजा का मुख्य आधार श्रद्धा, सात्विकता और सदाचार माना गया है।
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🚩श्री ज्योतिष कार्यालय🚩
ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय
देवलोक कॉलोनी हापुड़
ज्योतिष एवं कर्मकाण्ड विशेषज्ञ
सम्पर्क सूत्र 9634408321
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