
मान्यता: “भूतों ने किया मंदिर का निर्माण”, चक्की चलने पर अधूरा रह गया शिखर का निर्माण
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): भूतों वाले मंदिर में भगवान भोले के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं और भगवान भोले का जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
इस एपिसोड के प्रायोजक हैं लक्ष्मण मैदा वाले
जनपद हापुड़ के सिंभावली थाना क्षेत्र के गांव दतियाना में स्थित प्राचीन भूतेश्वर मंदिर को क्षेत्रवासी लाल मंदिर के नाम से भी पुकारते हैं। पुरानी मान्यता है कि इस मंदिर को एक ही रात में भूतों ने बनाया था। सुबह जब जाग हुई तो किसी ग्रामीण ने चक्की चला दी जिसके कारण मंदिर की शिखर का निर्माण पूरा न हो सके और भूत मंदिर को अधूरा छोड़ गए। इसके बाद अधूरी चोटी को राजा नैन सिंह ने पूरा करवाया। भूतों द्वारा निर्मित इस मंदिर की खास बात यह है कि इसके निर्माण में किसी तरह की मिट्टी, सीमेंट, रेत या चूने का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसके निर्माण में बहुत ही उत्कृष्ट कारीगरी का प्रदर्शन किया गया है। यह ईंटें एक के ऊपर एक रखी गई है जिसमें किसी भी तरह की सीमेंट या रेत का इस्तेमाल नहीं किया। ऐसे में तेज धूप और बरसात के पानी का भी मंदिर के भवन पर कोई असर नहीं होता है। लोगों का कहना है कि मनुष्य के लिए ऐसा निर्माण करना नामुमकिन है। शिवरात्रि पर तो आस्था का सैलाब उमड़ जाता है और भगवान भोले के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। क्षेत्रवासियों का मानना है कि भगवान यहां साक्षात वास करते हैं। मंदिर में जाते ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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