
#UPGovernment #Investigation
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ के खनन विभाग के अधिकारी द्वारा खनन करने वाली कंपनी की लग्जरी गाड़ी इस्तेमाल करने का मामला लखनऊ तक चर्चा में है। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि यह प्रकरण लखनऊ में भी चर्चा का विषय बन गया है। बता दें कि जनपद हापुड़ में सड़कों पर दौड़ रही उत्तर प्रदेश सरकार लिखी गाड़ियों की भी जांच होनी चाहिए। यूपी 37 नंबर की प्राइवेट नंबर की गाड़ियों पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा हुआ है। ऐसे में यातायात पुलिस को अभियान चलाना चाहिए और अवैध रूप से उत्तर प्रदेश सरकार लिखी गाड़ियों पर कार्रवाई करने की जरूरत है।
जनपद हापुड़ के जिला खनन अधिकारी प्रशांत कुमार कार्यालय वाहन के रूप में जिस गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे थे। वह गाड़ी जनपद हापुड़ की खनन कंपनी की गाड़ी थी। हालांकि यह अलग बात है कि विभाग से कार का नियमित रूप से किराया निकाला जा रहा था लेकिन खनन कंपनी मैसर्स खालसा अर्थ मूवर्स द्वारा गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखवाना और खनन अधिकारी प्रशांत कुमार द्वारा इसका प्रयोग करना अधिकारी की निष्ठा पर कई सवाल खड़े करता है। जनपद हापुड़ में चर्चा का विषय बना यह मुद्दा लखनऊ तक चर्चाओं में है। खनन अधिकारी द्वारा खनन कंपनी की कार का इस्तेमाल करना, निजी कार पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखवाना और गाड़ी पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट ना लगवाना सवालिया निशान खड़े करता है। जब यातायात प्रभारी छविराम सिंह ने गाड़ी का नंबर प्लेट को लेकर ₹5000 का चालान कर दिया। यह गाड़ी चर्चा में आई। सुर्खियों में आने के बाद जिला खनन अधिकारी प्रशांत कुमार का कहना था कि पता नहीं यह कार किस कंपनी की है? इसको ठेके पर लेकर चलाया जा रहा था। यदि यह किसी खनन कंपनी के नाम पर है तो तत्काल हटा दिया जाएगा। जानकारी की जा रही है। विभाग द्वारा खनन कंपनी की गाड़ी का प्रयोग करना भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। यह अधिकारी और खनन करने वालों की साठगांठ को दर्शाता है। यह बुलोरो कार इसका जीता जागता सबूत भी है। मामले में अधिकारियों को संज्ञान लेकर विभिन्न पहलुओं पर जांच करनी चाहिए।
सभी प्रकार के बीमों के लिये संपर्क करें : 9756129288
























