हापुड़ एसिड अटैक कांडः आरोपित को गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ के एक ई रिक्शा चालक पर कुछ लोगों ने चाकू से वार कर, उस पर एसिड फैंक दिया था कि वे रिक्शा लूटने में असफल रहे थे। यह मामला 5 नवम्बर-2016 का है। ई रिक्शा चालक असलम की एसिड एक्ट के बाद नेत्र ज्योति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने एसिड अटैक के मामले में एक आरोपित को संबंधित चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के जरिये गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। इस आरोपित को पूर्व में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जमानत प्रदान कर दी थी।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस प्रसन्ना भालचंद्र वराले की पीठ ने यह आदेश तब दिया जब पीड़ित के वकील बताया कि आरोपित ने सुप्रीम कोर्ट का नोटिस स्वीकार करने से इन्कार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के असिस्टेंट रजिस्ट्रार कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित को जारी किया गया नोटिस डाक विभाग की इस टिप्पणी के साथ लौट आया, ‘स्वीकार करने से इन्कार, प्रेषक को लौटाया।’ हाई कोर्ट के 16 अक्टूबर, 2023 के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील के मुताबिक, यह मामला पांच नवंबर, 2016 का है जब अपीलकर्ता असलम (तब उम्र 27 वर्ष) पर उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में तीन अज्ञात हमलावरों ने ई-रिक्शा लूटने के प्रयास में उसके ऊपर हमला कर दिया था। जब उसने विरोध किया तो उन्होंने उस पर चाकू से वार किया और उसके चेहरे पर एसिड फेंक दिया। इस घटना के बाद असलम शत प्रतिशत दृष्टिबाधित हो गया। इसके बाद से उसे अपने बूढ़े माता-पिता, पत्नी और तीन बच्चों को संभालने में काफी कठिनाई हो रही है। अपराध की गंभीरता के बावजूद उसे आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला, लिहाजा वह मदद के लिए बाहरी एजेंसियों और गैर-सरकारी संगठनों पर आश्रित है।
Dhanwantari Distributors का Immurich Capsule अब घर पर बैठे मंगवाएं: 9837700010
सरस्वती कॉलिज ऑफ फार्मेसी में प्रवेश प्रारम्भ : 8791865453, 7217316586


























