प्लाईवुड फैक्ट्री में अनुदानित यूरिया का हो रहा इस्तेमाल
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ की जरोठी रोड पर स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री में अनुदानित कृषि यूरिया का इस्तेमाल हो रहा था। सूचना पर जैसे ही कृषि विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर छापा मारा तो अनुदानित यूरिया के कट्टों को बाहर कर दिया गया। हालांकि मौके पर मौजूद किसानों ने अनुदानित यूरिया के कट्टों का फैक्ट्री के भीतर होने से जुड़ा साक्ष्य उपलब्ध कराया। इसके बाद विभाग ने यूरिया का सैंपल लेकर प्रयोगशाला में भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। आखिर फैक्ट्री में अनुदानित यूरिया कैसे पहुंचा यह सवाल बना हुआ है। इससे पहले भी मुर्गी दाना बनाने की फैक्ट्री में अनुदानित यूरिया के 1400 कट्टे पकड़े गए थे। बताया जा रहा है कि अस्पा नाम की प्लाईवुड फैक्ट्री रिंकल की है।
हापुड़ की जरोठी रोड पर एक प्लाईवुड फैक्ट्री है जहां पर अनुदानित यूरिया के इस्तेमाल होने का दावा किया जा रहा है। किसान अमरेंद्र सिंह, अरविंद सिंह, आदित्य सिंह, संदीप शर्मा आदि की सूचना पर कृषि विभाग व जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची लेकिन तब तक अनुदानित यूरिया से लदी ई-रिक्शाओं को बाहर कराया गया था। उसके बाद किसानों ने जरूरी साक्ष्य और वीडियो उपलब्ध कराए। विभाग ने सैंपल लेकर प्रयोगशाला के लिए भेज दिया। आपको बता दें कि नियमों के विरुद्ध फैक्ट्री में अनुदानित यूरिया का इस्तेमाल किया जा रहा था। 45 किलोग्राम वाले यूरिया के बैग की वास्तविक कीमत 1497.75 रुपए है। सरकार द्वारा किसानों को इस पर 1231.25 रुपए का अनुदान दिया जाता है। यूरिया को नीम लेपित किया गया है ताकि इसका इस्तेमाल फैक्ट्री व दूध में ना हो लेकिन इसके बावजूद भी धड़ल्ले से फैक्ट्री में इस्तेमाल किया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि यूरिया के सैंपल को लैब में भेज दिया गया है।
दिल्ली की डॉ शूची तनेजा दुआ अब हापुड़ शहर में : 7017732103
सरस्वती कॉलिज ऑफ फार्मेसी में प्रवेश प्रारम्भ : 8791865453, 7217316586


























