हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर करने वाले अशफाक उल्ला खान के जन्मदिन पर उन्हें याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। जनपद हापुड़ के बाबूगढ़ में स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पहुंचकर क्षेत्रवासियों ने आजादी के हीरो अशफाक उल्ला खान का जन्मदिन मनाया। आपको बता दें कि 25 वर्ष की उम्र में अशफाक ने अपने क्रांतिकारी साथियों के साथ मिलकर ब्रिटिश सरकार की नाक के नीचे से सरकारी खजाना लूट लिया था जिसके बाद ब्रिटिश सरकार को मुंह की खानी पड़ी। इस घटना को काकोरी कांड से जाना जाता है। काकोरी कांड के लिए उन्हें फैजाबाद जेल में 19 दिसंबर 1927 को फांसी पर चढ़ा दिया गया था जिन्होंने हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। हालांकि अशफाक उल्ला खान के साथ राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्र नाथ लहरी को भी फांसी की सजा हो गई। अशफाक उल्ला खान का जन्मदिन 22 अक्टूबर को 1900 में हुआ था जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया।




























